लखनऊ :पति की बेवफाई से परेशान महिला दो बच्चों के साथ लगा ली फांसी
WAORS हिंदी न्यूज डेस्क »उत्तर प्रदेश लखनऊ
लखनऊ :में मड़ियांव के मुबारकपुर में पति की बेवफाई से क्षुब्ध महिला ने मंगलवार देर शाम अपने दोनों बच्चों के साथ फांसी लगा ली। महिला ने रस्सी के एक सिरे से बच्चों को लटकाया जबकि दूसरे सिरे से अपने फंदा लगाया। इससे पहले कि फंदा कसता छह वर्षीय बेटा नीचे गिर गया जिससे उसकी जान बच गई। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़ा तो कमरे का मंजर देख सभी सन्न रह गए। आननफानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने मां-बेटी को मृत घोषित कर दिया। पुलिस मृतका के पति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
इंस्पेक्टर मड़ियांव संतोष कुमार सिंह ने बताया कि अलीगंज निवासी डॉ. अशोक का मुबारकपुर की नई बस्ती में मकान है। इस मकान में सात परिवार किराये पर रहते हैं। रायबरेली के हरचंदपुर का रहने वाला रमेश कुमार सोनी भी पत्नी चित्रा उर्फ बरखा (30), बेटे अनुग्रह उर्फ रौनक (6) और बेटी साक्षी (4) के साथ मकान के एक कमरे में रहता है। परिवार का भरण-पोषण करने के लिए रमेश मुबारकपुर चौराहे पर सब्जी का ठेला लगाता है। पुलिस के मुताबिक मंगलवार शाम रमेश ठेला लेकर चौराहे पर चला गया। इधर, घर पर मौजूद पत्नी चित्रा ने आत्मघाती कदम उठा लिया। चित्रा ने पंखे से प्लास्टिक की रस्सी के सहारे फंदा लगाया। इसके एक सिरे से दोनों बच्चों को लटकाया जबकि दूसरे सिरे से खुद लटक गई।
हाथ फंसने से बच गया मासूम
पुलिस के मुताबिक जिस वक्त चित्रा बेटे अनुग्रह की गर्दन पर फंदा लगा रही थी, उसका हाथ फंदे में फंस गया था। इससे पहले कि रस्सी उसकी गर्दन पर कसती अनुग्रह छटपटाने लगा। इससे फंदा खुल गया और वह नीचे गिरकर बच गया। मां और बहन को फंदे पर लटकते देख मासूम अनुग्रह जोर-जोर से रोने लगा। उसकी चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी किरायेदारों को आशंका हुई। इस पर लोगों ने काफी आवाज लगाई लेकिन दरवाजा नहीं खुला। शक गहराने पर पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़ा तो भयावह मंजर देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
पति की बेवफाई को बताया वजह
सीओ दीपक सिंह ने बताया कि पुलिस को कमरे की तलाशी में मृतका का दो पन्ने का सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने लिखा है कि.. मैं अपनी मौत की जिम्मेदारी खुद लेती हूं, इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। हालांकि आगे की पंक्तियों में उसने पति की बेवफाई से परेशान होकर खुदकुशी करने की बात लिखी है। चित्रा ने सुसाइड नोट में लिखा है कि उसे पति का प्यार नहीं मिला क्योंकि वह दूसरी औरत से सम्बंध रखता है। इतना ही नहीं रमेश अपनी गलती छुपाने के लिए उसके चरित्र पर लांछन लगाता है।
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बच्चों को क्यों मार डाला घटना के बाद मोहल्ले में भीड़ जुटने लगी। लोगों ने बताया कि चित्रा अपने बच्चों से बहुत प्यार करती थी। वह बच्चों को जरा भी परेशान देखते तो बेहाल हो जाती। हर शख्स यही चर्चा कर रहा था कि चित्रा अपने बच्चों की जान की दुश्मन कैसे बन सकती है।
बच्चे के चेहरे पर खौफ बरकरार
पड़ोसियों ने 108 एम्बुलेंस सेवा पर फोन करने के साथ ही रमेश को घटना की सूचना दी। आननफानन में उन्हें बीकेटी स्थित राम सागर मिश्र अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर रोहित सिंह ने बताया कि चित्रा और साक्षी की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। वहीं अनुग्रह को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। घटना के डेढ़ घंटे बाद सूचना मिलने पर मड़ियांव पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने अनुग्रह से बातचीत की लेकिन वह कुछ चीजें बताता और फिर रोने लगता। इंस्पेक्टर ने बताया कि बच्चे के चेहरे पर खौफ बरकरार है। उसकी काउंसलिंग करवायी जाएगी।
Posted By-राजकुमार चौहान

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