कलम के जादूगर लेखक रामवृक्ष बेनपुरी की जयंती सीतामढ़ी में मनाई गई।
We News 24» रिपोर्टिंग / असफाक खान
सीतामढ़ी: कलम के जादूगर कहे गये साहित्यकार रामवृक्ष बेनपूरी की जयंती के मौके पर सीतामढ़ी सस्कृति मंच के तत्त्वावधान में एक समारोह शहर के राजोपट्टी स्थित जानकी विद्या निकेतन में आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता दिनेशचंद्र द्विवेदी ने की।वक्ताओं ने बेनपूरी के साहित्य में सामाजिक चेतना पर चर्चा की। डा.शशिरंजन कुमार ने बेनपूरी के समग्र व्यक्तित्व पर विशद चर्चा करते हुए उन्हें आन्दोलन धर्मा साहित्यकार बताया और उन्हें अपने समय की मनुष्यता को उन्नत संवेदना का स्वर देते हुए दिखाया।
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प्रमोद कुमार ने बेनीपुरी के रेखाचित्र माटी की मूरतें का जिक्र करते हुए उसके कई प्रसंग सुनाये तथा चरित्र चित्रण की उनकी खूबियों पर चर्चा की। सुरेश वर्मा ने उनके एक अन्य रेखाचित्र जंजरें और दीवारें के प्रसंगों को सुनाते हुए उनकी लोकनिष्ठ अभिव्यक्तिशैली के चलते उन्हें अपना पसंदीदा साहित्यकार बताया।अमरेंद्र नारायण सिंह ने उनके साहित्यिक और पत्रकारीय अवदान को आंचलिक जीवन की अनूठी अभिव्यक्ति कहा।
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मंच के संयोजक विमल कुमार परिमल ने हिंदी साहित्य के तीन अहम बिहारी शैलीकारों म़े एक कहा, जिसमें दो अन्य राजा राधिकारमणप्रसाद सिंह और शिवपूजन सहाय थे।उनके लिखित वक्तव्य को उनकी अनुपस्थिति में दिनेशचंद्र द्विवेदी ने पढ़कर सुनाया। सुषमा कुमारी ने बेनीपुरी की रचनाओं को बच्चों के लिए उपादेय बताया। विद्यालय की प्राचार्य सुभद्रा ठाकुर ने सवागत और धन्यवाद के वक्तव्य देते बेनीपुरी साहित्य को समाज का दिशादर्शक बताया। समारोह में विद्यालय के छात्र छात्राओं की भी उपस्थिति रही।
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