मै क्रिप्टोकरेंसी निवेशक मुझे क्या मिला ,सरकार ने कहा होने वाली कमाई पर अब लगेगा 30% टैक्स
We News 24» रिपोर्टिंग / दीपक कुमार
नई दिल्ली : क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई पर अब 30% टैक्स देना होगा। इसके अलावा क्रिप्टोकरेंसी से ट्रांजैक्शन करने पर 1% का TDS भी लगेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को अपने बजट भाषण में इसकी जानकारी दी।
वित्त मंत्री ने साफ किया कि RBI की ओर से जारी होने वाले डिजिटल रुपए को ही डिजिटल करेंसी माना जाएगा, जबकि बिटकॉइन और इथेरियम जैसी क्रिप्टोकरेंसी को एसेट माना जाएगा और इससे होने वाली कमाई पर टैक्स लगेगा।
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वित्त मंत्री ने क्या कहा?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'वर्चुअल डिजिटल एसेट में ट्रांजैक्शन में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इनके चलते वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के लिए एक खास टैक्स सिस्टम जरूरी हो गया है। अब किसी भी वर्चुअल डिजिटल एसेट के ट्रांसफर के जरिए होने वाली आय पर 30% की दर से टैक्स लगाया जाएगा।'
वहीं उन्होंने बताया कि वर्चुअल डिजिटल एसेट के ट्रांसफर में अगर कोई नुकसान होता है तो इसे दूसरे किसी अन्य सोर्स से हुई कमाई के साथ सेट ऑफ नहीं किया जा सकेगा।
ऐसे में आपके मन भी सवाल होगा कि क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स कैसे लगेगा? तो चलिए इसे आसान भाषा में समझने की कोशिश करते हैं। टैक्स एक्सपर्ट कार्तिक गुप्ता से
क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वाले देश में लाखों लोग हैं। वे कैसे टैक्स के दायरे में आएंगे या सरकार उनकी पहचान कैसे कर पाएगी? और भी सवाल हैं, जो निवेशकों के मन में हैं। उनके जवाब दे रहे हैं बैंक बाजार डॉट कॉम के CEO आदिल शेट्टी से
सवाल नंबर 1. क्रिप्टो पर TDS कैसे कटेगा?
एक्सपर्ट का जवाब है क्रिप्टो करंसी की दुनिया में इसे लागू करना जटिल होगा, क्योंकि ट्रेडिंग के लिए भी अभी भारत में TDS नहीं कटता। इसकी पूरी गाइडलाइन का इंतजार करना चाहिए।
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सवाल नंबर 2. क्रिप्टो खरीदने-बेचने वालों की पहचान नहीं होती, तो फिर TDS किससे वसूला जाएगा?
एक्सपर्ट का जवाब भारत के क्रिप्टो एक्सचेंज KYC कर रहे हैं। सरकार चाहे तो इससे खरीदार की पहचान कर सकती है। हालांकि, विदेश की क्रिप्टो एक्सचेंज से खरीद करने वालों की पहचान करना अभी मुश्किल दिख रहा है।
सवाल नंबर 3. क्या ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के जरिए क्रिप्टो खरीदने वालों की पहचान संभव है?
एक्सपर्ट का जवाब नहीं। इसीलिए उम्मीद है कि ब्लॉकचेन का भी KYC होने लगेगा।
सवाल नंबर 4. क्रिप्टो का रेगुलेशन कैसे संभव है? रेगुलेटरी अथॉरिटी कौन होगा ?
एक्सपर्ट का जवाब यह अभी क्लियर नहीं है कि अथॉरिटी कौन होगी या रेगुलेशन के नियम क्या होंगे। रेगुलेशन का फ्रेमवर्क सरकार को इस उद्योग के साथ मिलकर निवेशकों की जरूरतों को ध्यान रखते हुए बनाना होगा। सरकार ने टैक्स लगाकर अभी सिर्फ पहला कदम उठाया है। आगे रास्ते धीरे-धीरे खुलते जाएंगे। इस मामले में कई ग्रे एरिया हैं, जिन्हें लेकर सरकार को गाइडलाइन तैयारी करनी है। उसके बाद ही स्थिति साफ हो सकती है।
सवाल नंबर 5. क्या देश में कोई सरकारी नियंत्रण वाली क्रिप्टो एक्सचेंज बन सकती है?
तो इसका जबाब है सरकार ने भारतीय डिजिटल रुपए की घोषणा की है। यह भी क्रिप्टो की तरह ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के जरिए ही चलेगा। फिर भी इससे क्रिप्टो में निवेशकों की सुरक्षा बढ़ेगी।
सवाल नंबर 6. भारतीयों के 6 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा क्रिप्टो में लग चुके हैं, क्या वे लोग कभी ट्रैक हो पाएंगे?
KYC के जरिए निवेश किया होगा तो ट्रेस किए जा सकेंगे।
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