Ayodhya Ram Mandir:- क्या हिन्दू विरोधी है इण्डिया गठबंधन? राम मंदिर उद्घाटन कार्यक्रम में क्यों नहीं आ रहे है गठबंधन के नेता?
We News 24 Digital News» रिपोर्टिंग सूत्र / दीपक कुमार
नई दिल्ली :- क्या इण्डिया गठबंधन है हिन्दू विरोधी ? राम मंदिर उद्घाटन कार्यक्रम में जाने से क्यों कर रहे है इंकार आपको बताते चले आने वाले 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले राम मंदिर उद्धाटन कार्यक्रम में कांग्रेस ने शामिल होने से इनकार कर दिया है. कांग्रेस ने इसको बीजेपी और आरएसएस का अपना इवेंट बता कर किनारा कर रहे है . ऐसा लगता है इण्डिया गठबंधन में शामिल दल को राम मंदिर के बन जाने से उनके राजनीती भविष्य अंधरे में जाते दिख रहा है .तभी इस गठबंधन में शामिल पार्टी के लोग राम मंदिर के लिए अनाप शनाप बोल रहे है .जिससे ये पता चलता है की इन सभी राजनीती पार्टी को केवल एक विशेष समुदाय के बारे में सोच रहे है .तभी तो बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के सुपुत्र तेजस्वी यादव कहते फिरते है की मंदिर बनाने से क्या होगा ,कोंग्रेस कहती है बीजेपी का एजेंडा है राम मन्दिर सीपीआई(एम) के महासचिव सीताराम येचुरी भी राम मंदिर उद्घाटन कार्यक्रम में जाने से बच रहे है .
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने मंगलवार को लोकसभा चुनाव 2024 से पहले मंदिर निर्माण और उद्घाटन को नौटंकी बता दिया .वहीं, आरजेडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुबोध कुमार महता ने कहा कि इस मामले में कांग्रेस की लाइन का समर्थन करते हैं. डीएमके प्रवक्ता टी के एस इलांगोवन ने पार्टी का रुख साफ करते हुए कहा कि पार्टी इसमें भाग नहीं लेगी, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उसके नेतृत्व को 22 जनवरी के कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया है या नहीं. हालांकि राम मंदिर उद्घाटन में शामिल होने के लेकर आम आदमी पार्टी की तरफ से अभी तक कोई बयान नहीं आया है. सीपीआई राष्ट्रीय महासचिव डी राजा ने कहा कि उनको ईमेल से राम मंदिर उद्घाटन का निमंत्रण मिला है, लेकिन चाहे जो हो, हम नहीं जाएंगे. बीएसपी चीफ मायावती पहले ही कार्यक्रम में शामिल न होने का संकेत दे चुकी हैं. हालांकि उनका रुख अभी पूरी तरह से साफ नहीं हुआ है. ये सब इसलिए की आने वाले लोकसभा चुनाव में इन पार्टी को एक विशेष समुदाय का वोट मिल सके .श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने विपक्षी पार्टी के लोगो को भी निमंत्रण भेजा है .कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अधीर रंजन चौधरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण भेजा गया था, जिसको कांग्रेस ने एक अधूरे मंदिर का उद्धाटन कहकर शामिल होने से मना कर दिया.
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का न्यौता ठुकराने वाली कांग्रेस अकेली पार्टी नहीं
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का न्यौता ठुकराने वाली कांग्रेस अकेली पार्टी नहीं है. विपक्षी गंठबंधन के सहयोगियों में से सीपीआई(एम) पहला ऐसा दल था, जिसने कार्यक्रम में शामिल न होने की सबसे पहले घोषणा की थी. ट्रस्ट से निमंत्रण मिलने के बाद सीपीआई(एम) के महासचिव सीताराम येचुरी ने राम मंदिर उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया था. अब कांग्रेस के निमंत्रण अस्वीकार करने पर टीएमसी और आरजेडी समेत इंडिया गठबंधन के अन्य दलों ने भी अयोध्या कार्यक्रम से दूर रहने का संकेत दिया है. कांग्रेस का कहना है कि धर्म एक बहुत निजी मामला है, लेकिन राम मंदिर बीजेपी और आरएसएस का एक राजनीतिक प्रोजेक्ट है, जिसको लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर तैयार किया गया है.
वी न्यूज 24 फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट


कोई टिप्पणी नहीं
कोमेंट करनेके लिए धन्यवाद