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    इथियोपिया का '10 हजार साल पुराना' ज्वालामुखी फटा: राख का काला बादल दिल्ली-NCR कैसे पहुँचा ?


    इथियोपिया का '10 हजार साल पुराना' ज्वालामुखी फटा राख का काला बादल दिल्ली-NCR कैसे पहुँचा ?


    We News 24 :डिजिटल डेस्क » काजल कुमारी

    नई दिल्ली, 25 नवंबर 2025 :- सोमवार रात दिल्ली का आसमान अचानक काला पड़ गया। एक बुजुर्ग, जो शाम को पार्क में टहलने निकले थे, ने बताया, “लगा जैसे प्रदूषण और गहरा हो गया, लेकिन हवा में कुछ अलग था – जैसे रेत उड़ रही हो।” इंडियामेटस्काई वेदर की चेतावनी सही साबित हुई। इथियोपिया के हेली गुब्बी ज्वालामुखी से निकली राख का विशाल बादल – जो 10,000 साल बाद पहली बार फटा – पश्चिम से गुजरात में घुसा, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम महाराष्ट्र को पार कर दिल्ली-NCR पहुँच गया। अब ये हिमालय और उत्तरी इलाकों की ओर बढ़ रहा है। IMD के अनुसार, राख के ये बादल आज शाम 7:30 बजे तक भारत से निकल जाएँगे और चीन की ओर बढ़ेंगे।

    कैसे पहुँचा राख का बादल भारत?

    इथियोपिया के अफार इलाके में, इरिट्रिया बॉर्डर के पास (अदीस अबाबा से 800 किमी उत्तर-पूर्व), हेली गुब्बी ज्वालामुखी 23 नवंबर को सुबह 8:30 GMT पर फटा। यह जियोलॉजिकली एक्टिव रिफ्ट वैली में है, जहाँ दो टेक्टॉनिक प्लेट्स आपस में टकराती हैं। विस्फोट से राख का मोटा गुबार 14-15 किमी ऊपर उठा, जिसमें सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) और कांच-चट्टान के छोटे कण शामिल थे।



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    राख लाल सागर से होकर यमन और ओमान पहुँची, फिर 100-120 किमी/घंटा की रफ्तार से 15,000-25,000 फीट ऊँचाई पर भारत की ओर बढ़ी। कुछ लेयर्स 45,000 फीट तक पहुँचीं। सोमवार रात तक गुजरात में दस्तक दी, और मंगलवार सुबह दिल्ली-NCR, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा प्रभावित। Toulouse VAAC ने चेतावनी दी – विस्फोट रुक गया, लेकिन राख का बादल उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है।


    किन राज्यों पर असर? हिमालय तक खतरा


    प्रभावित राज्य: गुजरात, राजस्थान, उत्तर-पश्चिम महाराष्ट्र, दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब।

    आगे का रूट: हिमालय, उत्तर प्रदेश के तराई इलाके, नेपाल की पहाड़ियाँ। SO2 लेवल बढ़ेगा, लेकिन बादल पहाड़ों से टकराकर चीन चला जाएगा।


    शहरों में विजिबिलिटी घटी, आसमान गहरा काला दिखा। कुछ जगहों पर 'कलरफुल सनसेट' की संभावना, लेकिन धुंधला मौसम।


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    फ्लाइट्स पर बड़ा असर: कई रद्द, देरी का सिलसिला

    राख के कण इंजन को नुकसान पहुँचा सकते हैं, इसलिए एविएशन अलर्ट। IMD ने मुंबई, दिल्ली, कोलकाता से SIGMET चेतावनी जारी की।


    रद्द फ्लाइट्स:

    Air India: AI 2822 (चेन्नई-मुंबई), AI 2466 (हैदराबाद-दिल्ली), AI 2444/2445 (मुंबई-हैदराबाद), AI 2471/2472 (मुंबई-कोलकाता)।

    KLM: एम्स्टर्डम-दिल्ली रद्द।

    Akasa Air: जेद्दा, कुवैत, अबू धाबी की फ्लाइट्स (24-25 नवंबर) रद्द।

    ज्यादातर फ्लाइट्स में देरी, दिल्ली-जयपुर रूट सबसे प्रभावित।


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    राख खतरनाक है या नहीं? IMD की सलाह

    IMD डायरेक्टर जनरल मृत्युंजय मोहपात्रा ने कहा, “राख ऊँचाई पर है, इसलिए AQI पर ज्यादा असर नहीं। लेकिन SO2 से नेपाल-हिमालय में प्रदूषण बढ़ेगा।” बादल में ज्वालामुखी राख, SO2, कांच-चट्टान के कण – सांस लेने पर जलन हो सकती है। लेकिन जमीन पर पार्टिकल्स गिरने की संभावना कम।



    सलाह:

    मास्क पहनें, खासकर बाहर जाते समय।

    एसी/फैन साफ रखें।

    उड़ान से पहले एयरलाइंस अपडेट चेक करें।

    यह 10,000 साल पुराना 'सोया हुआ' ज्वालामुखी अब जागा है – लेकिन भारत में राहत, असर मुख्यतः हवाई यात्रा पर। IMD निगरानी कर रहा – अपडेट्स का इंतजार।


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