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    ऐतिहासिक शपथ: जस्टिस सूर्यकांत कल बनेंगे भारत के 53वें CJI, 6 देशों के चीफ जस्टिस और 12 विदेशी जज राष्ट्रपति भवन में होंगे मौजूद

    जस्टिस सूर्यकांत कल बनेंगे भारत के 53वें CJI



    We News 24 :डिजिटल डेस्क » विवेक श्रीवास्तव

    नई दिल्ली, 23 नवंबर 2025 :-सुप्रीम कोर्ट के गलियारों में आज विदाई का माहौल है। चीफ जस्टिस बी.आर. गवई आज शाम रिटायर हो रहे हैं। उनके 2 साल 3 महीने के कार्यकाल में कई ऐतिहासिक फैसले आए – Article 370, इलेक्टोरल बॉन्ड, समलैंगिक विवाह पर विशेष पीठ तक। लेकिन कल सुबह 10 बजे राष्ट्रपति भवन का अशोक हॉल एक नया इतिहास लिखेगा।


    न्यायमूर्ति सूर्यकांत भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। और यह शपथ ग्रहण अपने आप में अनोखा होगा – क्योंकि पहली बार किसी भारतीय CJI के शपथ समारोह में इतनी बड़ी संख्या में विदेशी न्यायिक मेहमान मौजूद रहेंगे। भूटान, केन्या, मलेशिया, मॉरीशस, नेपाल और श्रीलंका के मुख्य न्यायाधीश अपने जीवनसाथी और परिवार के साथ दिल्ली पहुँच चुके हैं। कुल 6 देशों के 12 से ज्यादा जज कल गवाह बनेंगे।



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    कौन-कौन आ रहा है?

    भूटान: मुख्य न्यायाधीश ल्योनपो नोरबू शेरिंग और उनकी पत्नी ल्हादेन लोटे

    केन्या: मुख्य न्यायाधीश मार्था कूमे और जज सुसान नजोकी एनडुंगु

    मलेशिया: फेडरल कोर्ट जज तान श्री दातुक नलिनी पथमनाथन और उनके पति पसुपति शिवप्रगसम

    मॉरीशस: मुख्य न्यायाधीश बीबी रेहाना मुंगली-गुलबुल और उनकी बेटी रेबेका

    नेपाल: मुख्य न्यायाधीश प्रकाश मान सिंह राउत, जज सपना प्रधान मल्ला और नेपाल के कानून मंत्री अनिल कुमार सिन्हा (पूर्व जज)

    श्रीलंका: मुख्य न्यायाधीश पी. पद्मन सुरसेना और दो अन्य सुप्रीम कोर्ट जज

    सूत्रों के मुताबिक, यह विचार जस्टिस सूर्यकांत का ही था। वे चाहते थे कि उनका शपथ समारोह “न्याय की वैश्विक एकजुटता” का प्रतीक बने।


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    जस्टिस सूर्यकांत: पंजाब के किसान परिवार से सुप्रीम कोर्ट की कुर्सी तक

    जन्म: 10 फरवरी 1962, हिसार (हरियाणा)

    शिक्षा: पंजाब यूनिवर्सिटी से LLB

    1984 में वकालत शुरू, 2001 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जज बने

    2019 में सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति

    खास बात: पहली बार कोई जज जिसने हाईकोर्ट में रहते हुए 1 लाख से ज्यादा केस निपटाए

    उनके फैसलों में किसान आंदोलन, पेगासस, CAA जैसे मुद्दों पर मजबूत रुख दिखा

    जस्टिस गवई ने विदाई संदेश में भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “न्यायपालिका की स्वतंत्रता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। मैं सूर्यकांत को शुभकामनाएँ देता हूँ।”


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    कल का कार्यक्रम

    सुबह 10 बजे: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जस्टिस सूर्यकांत को शपथ दिलाएंगी

    दोपहर 12 बजे: सुप्रीम कोर्ट लॉन में विदेशी मेहमानों के सम्मान में चाय

    शाम 6 बजे: CJI निवास पर सभी विदेशी चीफ जस्टिस के लिए डिनर

    कानूनी हलकों में चर्चा है – यह सिर्फ शपथ नहीं, भारत की न्यायिक कूटनीति का नया अध्याय है। कल सुबह राष्ट्रपति भवन में लिखा जाएगा।



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