शोर नहीं, सुरक्षा: चुराचांदपुर पुलिस ने 'मॉडिफाइड साइलेंसर' वाली बाइकों के पाइप चला बुलडोजर
We News 24 : डिजिटल डेस्क »✍️ (विशेष संवाददाता, वी न्यूज 24)
चुराचांदपुर (मणिपुर), 07 जनवरी: यहाँ की सड़कों से अब 'दहाड़ती' बाइकों का शोर कम होने वाला है। चुराचांदपुर जिला पुलिस की यातायात इकाई ने बुधवार को बाइकों में लगे अवैध तथा अत्यधिक शोर करने वाले 'मॉडिफाइड साइलेंसर' पर जोरदार कार्रवाई करते हुए एक अभूतपूर्व कदम उठाया। पिछले कुछ दिनों की चेकिंग के दौरान जब्त किए गए 23 बाइक साइलेंसर पाइपों को ट्रैफिक पुलिस ने जनता के सामने एक रोड रोलर से कुचलवाकर नष्ट कर दिया। यह नज़ारा पुलिस स्टेशन के सामने मीडियाकर्मियों की मौजूदगी में देखने को मिला।
यह कार्रवाई सिर्फ़ नियमों का उल्लंघन पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक सामाजिक संदेश देने की मुहिम है। चुराचांदपुर यातायात नियंत्रण पुलिस (CCP) के अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आम लोगों, ख़ासकर युवाओं, को इस बात के प्रति जागरूक करने के लिए चलाया जा रहा है कि ये तेज़ आवाज़ करने वाले मॉडिफ़ाइड साइलेंसर कानूनन ग़लत होने के साथ-साथ बुजुर्गों और बीमार लोगों की सेहत के लिए भी नुकसानदेह हैं।
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एक वरिष्ठ यातायात पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "लोग इन्हें स्टाइल या 'हीरो' बनने के लिए लगवाते हैं, लेकिन यह नहीं सोचते कि इससे होने वाला ध्वनि प्रदूषण आस-पास के अस्पतालों, स्कूलों और आवासीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए कितना परेशानी भरा होता है। रात के वक़्त तो यह और भी बुरा असर डालता है।"
स्थानीय निवासी इस कार्रवाई का स्वागत कर रहे हैं। चुराचांदपुर शहर के रहने वाले 65 वर्षीय एल. गिनकोहाओ हाओजम ने कहा, "एला ओइरिबा सेन्जा फाबा। पुलिसगी थाबाल तमसिंग लीबाक्खिदे।" (यह बहुत अच्छा कदम है। पुलिस को यह काम लगातार करते रहना चाहिए।) बहुत सारे बुजुर्ग और छोटे बच्चे हैं जो इस तेज़ आवाज़ से परेशान रहते हैं।"
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हालांकि, कुछ युवाओं ने इस पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी। एक कॉलेज छात्र ने बिना नाम बताए कहा, "हां, कुछ लोग ज़रूरत से ज़्यादा शोर करते हैं, लेकिन सभी बाइक सवारों को एक ही ब्रश से पोतना ठीक नहीं। जो पाइप फैक्ट्री से ही लाउड आते हैं, उनका क्या?"
पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल शुरुआत है और आगे भी जारी रहेगा। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 190(2) के तहत ऐसे मॉडिफिकेशन पर जुर्माना और वाहन जब्ती तक का प्रावधान है। पुलिस का आग्रह है कि लोग अपने वाहनों में किसी भी तरह का ऐसा फेरबदल न कराएं जो कानून के ख़िलाफ़ हो और सार्वजनिक कल्याण के लिए हानिकारक हो।
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