मध्य पूर्व में युद्ध के बादल? अमेरिकी रक्षा मंत्री ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी - "परमाणु हथियार बनाने की कोशिश न करें, सेना हर कार्रवाई के लिए तैयार"
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✍️ रिपोर्टर:राजीव मेनन
वाशिंगटन: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने का प्रयास नहीं करना चाहिए और अमेरिकी सेना "हर कार्रवाई के लिए तैयार" है। यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब वाशिंगटन ने पश्चिम एशिया में अपने नौसैन्य बलों की तैनाती बढ़ा दी है, जिससे क्षेत्र में बड़े टकराव की आशंका बलवती हो गई है।
"सेना हर आदेश के लिए तैयार"
गुरुवार को कैबिनेट बैठक के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए रक्षा मंत्री हेगसेथ ने ईरान से उत्पन्न खतरे की गंभीरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "उन्हें परमाणु क्षमता हासिल करने का प्रयास नहीं करना चाहिए, और हम राष्ट्रपति द्वारा युद्ध विभाग से अपेक्षित हर कार्रवाई करने के लिए तैयार रहेंगे।" यह टिप्पणी अमेरिकी सैन्य तत्परता के व्यापक बयानों का हिस्सा थी।
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अमेरिकी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए हेगसेथ ने हाल ही में वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी का उदाहरण दिया। उन्होंने इस ऑपरेशन को "पैमाने और क्रियान्वयन के मामले में अभूतपूर्व" बताते हुए दावा किया कि दुनिया की कोई भी सेना इतनी परिष्कृत छापेमारी अंजाम नहीं दे सकती थी। रक्षा मंत्री ने कहा, "यह उपलब्धि मौजूदा प्रशासन के तहत अमेरिकी सेनाओं को दी गई अद्वितीय शक्ति का प्रमाण है।"
पश्चिम एशिया में अमेरिकी युद्धपोतों की संख्या बढ़ी
इस बीच, रॉयटर्स की एक खबर के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में एक और युद्धपोत भेजा है। यूएसएस डेलबर्ट डी. ब्लैक के पिछले 48 घंटों में क्षेत्र में दाखिल होने के साथ ही यहां अमेरिकी विध्वंसक जहाजों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। इनके अलावा क्षेत्र में एक विमानवाहक पोत और तीन तटीय युद्धपोत भी मौजूद हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यह सैन्य जमावड़ा ईरान के साथ बढ़ते तनाव के मद्देनजर अमेरिकी ताकत का प्रदर्शन है। रक्षा मंत्री हेगसेथ ने भी इस बात को स्वीकार करते हुए कहा कि इन उच्च-स्तरीय अभियानों का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर अमेरिकी संकल्प का स्पष्ट संदेश देना है।
"राष्ट्रपति जब बोलते हैं, गंभीर होते हैं"
हेगसेथ ने अपने बयान में कहा, "यह दुनिया भर की हर राजधानी को संदेश देता है कि जब राष्ट्रपति ट्रंप बोलते हैं, तो वे गंभीर होते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि वर्षों की कथित रणनीतिक अस्पष्टता के बाद युद्ध विभाग अब "प्रतिरोधक क्षमता को पुनः स्थापित" कर रहा है।
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इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब मध्य पूर्व पर टिकी हैं। ईरान ने अभी तक अमेरिकी रक्षा मंत्री के इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच रंजिश लगातार बढ़ी है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगले कुछ हफ्तों में इस क्षेत्र में स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है।

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