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    आईआईटी पटना परिसर में चल रहे निजी स्कूल पर ताला! 800 छात्रों का भविष्य अधर में, 50 शिक्षकों की नौकरी खतरे में

    आईआईटी पटना परिसर में चल रहे निजी स्कूल पर ताला! 800 छात्रों का भविष्य अधर में, 50 शिक्षकों की नौकरी खतरे में



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    रिपोर्टर: कलीम

    सीनियर डिस्ट्रिक्ट कॉरेस्पॉन्डेंट, We News 24 (बिहटा से विशेष रिपोर्ट)



    पटना/बिहटा, 31 मार्च 2026 – बिहार की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा झटका। पटना जिले के बिहटा स्थित आईआईटी पटना परिसर में पिछले 10 सालों से संचालित निजी सीबीएसई स्कूल फाउंडेशन एकेडमी को खाली कराने का आदेश जारी कर दिया गया है। आईआईटी प्रशासन के इस फैसले के बाद स्कूल में पढ़ रहे 800 से अधिक छात्रों और 50 से ज्यादा शिक्षक-कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।

    स्कूल प्ले ग्रुप से लेकर कक्षा 12वीं तक संचालित हो रहा था और सीबीएसई से मान्यता प्राप्त था। प्रशासन ने स्कूल परिसर को सील कर दिया है। दानापुर SDM अनिरुद्ध पांडे के निर्देश पर पुलिस टीम के साथ मजिस्ट्रेट, बिहटा प्रखंड विकास पदाधिकारी शिवजनम राम, सिटी मजिस्ट्रेट उज्जवल कुमार, अंचलाधिकारी राकेश कुमार सिंह और आईआईटी अमहारा थाना प्रभारी रोशन कुमार राज समेत आईआईटी प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।



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    अभिभावकों में गुस्सा और मायूसी

    स्कूल बंद होने की अचानक खबर से अभिभावक सकते में हैं। दो बच्चों के दादा धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया, “कल ही मैंने अपने पोता-पोती का 1st और 2nd क्लास में एडमिशन ₹80,000 देकर कराया था। उस समय स्कूल प्रशासन की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई। आज अचानक पता चला कि स्कूल बंद हो रहा है। मेरी खून-पसीने की कमाई डूब गई।”



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    स्कूल प्रबंधन का पक्ष

    स्कूल प्रिंसिपल आभा सिंह ने बताया कि एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी और आईआईटी पटना के बीच 33 साल का एग्रीमेंट हुआ था। स्कूल को 10 साल हो चुके हैं और क्षेत्र के कई बच्चे यहां पढ़ते हैं। 19 मार्च को अचानक खाली करने का नोटिस दिया गया। फिलहाल सीबीएसई बोर्ड के एग्जाम चल रहे हैं, ऐसे में बच्चों का पूरा सत्र प्रभावित हो सकता है। स्कूल के निर्देशक अमित प्रकाश ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है और फैसले का इंतजार किया जा रहा है।


    आईआईटी प्रशासन का बयान

    आईआईटी पटना के रजिस्ट्रार एके ठाकुर ने स्पष्ट किया कि निजी स्कूल के साथ एग्रीमेंट हुआ था, लेकिन पिछले कई सालों से स्कूल को बार-बार नोटिस दिया गया। एग्रीमेंट के शर्तें पूरी नहीं की गईं, इसलिए यह कदम उठाना पड़ा। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्कूल को परिसर में संचालन की अनुमति नहीं होगी।

    We News 24 विश्लेषण (पटना डेस्क):
    आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के परिसर में चल रहे स्कूल का अचानक बंद होना सैकड़ों परिवारों के लिए बड़ा संकट बन गया है। एक तरफ छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो रहा है तो दूसरी तरफ शिक्षकों की रोजी-रोटी का सवाल खड़ा हो गया है। हाईकोर्ट में मामला पहुंच चुका है, अब देखना होगा कि अदालत क्या फैसला सुनाती है। बिहटा और आसपास के इलाके में अच्छे सीबीएसई स्कूल की कमी को देखते हुए यह फैसला कई सवाल खड़े करता है।


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