बिहार के मंदिर में मची भगदड़, 8 श्रद्धालुओं की मौत; डिप्टी सीएम समेत नीतीश-तेजस्वी ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान
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रिपोर्टर: विकाश कुमार सीनियर स्टेट कॉरेस्पॉन्डेंट, We News 24 (नालंदा से विशेष रिपोर्ट)
पटना/नालंदा, 31 मार्च 2026 – बिहार के नालंदा जिले में चैत्र मास के आखिरी मंगलवार को शीतला माता मंदिर में उमड़ी भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई। इस हादसे में अब तक 8 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 10 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर मंदिर परिसर को खाली कराकर सील कर दिया है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है।
घटना कहां और कैसे हुई?
हादसा नालंदा जिले के दीपनगर इलाके (मघड़ा) स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में हुआ। चैत्र के आखिरी मंगलवार के मौके पर मंदिर में मेले और विशेष पूजा-दर्शन का आयोजन था। श्रद्धालु दूर-दूर से दर्शन के लिए पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जल्दी दर्शन करने की होड़ में लोग कतार तोड़कर आगे बढ़ने लगे। इससे धक्का-मुक्की शुरू हुई और देखते-ही-देखते भगदड़ मच गई। लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जिससे 8 लोगों की मौत हो गई।
मंदिर प्रशासन और पुलिस की ओर से भीड़ प्रबंधन के इंतजाम नाकाफी बताए जा रहे हैं। लाइन व्यवस्था, बैरिकेडिंग और पर्याप्त सुरक्षा बल की कमी हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ऐलान
- मुख्यमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपये प्रति मृतक
- आपदा विभाग से 4 लाख रुपये प्रति मृतक
इस तरह प्रत्येक मृतक के परिवार को कुल 6 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।
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विपक्षी नेता तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा, “नालंदा के मघड़ा स्थित शीतला मंदिर में प्रशासनिक कुव्यवस्था के कारण हुई भगदड़ की हृदयविदारक घटना में श्रद्धालुओं की मौत अत्यंत दुखद है। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं हैं।”
तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि घायलों का उचित इलाज, मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता और घटना की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
स्थानीय गुस्सा और सवाल
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि आज नालंदा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कार्यक्रम था, इसलिए पुलिस की तैनाती वहां केंद्रित थी। आम श्रद्धालुओं की सुरक्षा की अनदेखी हुई, जिसका नतीजा भयावह हादसा बना। मंदिर में भीड़ प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन पर डाली जा रही है।
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