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    सीतामढ़ी जिलाधिकारी की अदालत: 'सबका सम्मान-जीवन आसान' कार्यक्रम में त्वरित समाधान के निर्देश



    सीतामढ़ी जिलाधिकारी की अदालत: 'सबका सम्मान-जीवन आसान' कार्यक्रम में त्वरित समाधान के निर्देश



    मेटा डिस्क्रिप्शन:

    *बिहार सरकार के सात निश्चय-3 के तहत समाहरणालय में जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने जनता की समस्याएं सुनीं। भूमि विवाद, पेंशन, बिजली-पानी समेत कई मामलों पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। पढ़ें पूरी खबर।*


    📢 We News 24 Digital News / वी न्यूज 24 डिजिटल

    सीतामढ़ी संवाददाता पवन साह के साथ सीनियर पत्रकार दीपक कुमार :

    वी न्यूज 24, सीतामढ़ी ब्यूरो  दिनांक: 27 अप्रैल 2026


    बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम "सात निश्चय-3" के तहत सातवें निश्चय 'सबका सम्मान-जीवन आसान' कार्यक्रम के तहत आज समाहरणालय स्थित जिलाधिकारी कक्ष में एक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने आम नागरिकों की समस्याओं को न सिर्फ सुना, बल्कि उनके त्वरित समाधान के लिए सख्त दिशा-निर्देश भी जारी किए।


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    WE News 24 को मिली जानकारी अनुसार, कार्यक्रम की शुरुआत में ही डीएम पांडेय ने साफ कर दिया था कि किसी भी शिकायत को दरकिनार नहीं किया जाएगा। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने बारी-बारी से अपनी परेशानियां रखीं।


    किन मुद्दों पर उठे सवाल?

    जनसुनवाई के दौरान कुल मिलाकर 50 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:

    भूमि विवाद और राजस्व मामले: जमीन से जुड़े कागजात और अतिक्रमण के मामले सबसे ज्यादा रहे।

    सामाजिक सुरक्षा पेंशन: कई बुजुर्गों और दिव्यांगों ने पेंशन न मिलने की शिकायत करते हुए आवेदन दिया।

    बुनियादी सुविधाएं: विद्युत आपूर्ति, पेयजल संकट और सड़कों की खराब स्थिति ने भी लोगों को परेशान किया।

    आवास एवं राशन: प्रधानमंत्री आवास योजना में लंबित आवेदन और राशन कार्ड से वंचित परिवारों के मामले प्रमुख रहे।




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    DM का सख्त रुख:

    सभी शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद जिलाधिकारी श्री पांडेय ने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा:

    "जनसमस्याओं के निष्पादन में पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी दिखाएं। हर शिकायत को समय-सीमा के भीतर पारदर्शी तरीके से हल किया जाए। बिना कारण किसी को परेशान नहीं होना चाहिए।"

    उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, सभी विभागों को निर्देश दिया गया कि वे डिजिटल रिकॉर्ड को अपडेट करें ताकि फाइलें इधर-उधर न भटकें।


    प्रशासन और जनता के बीच सेतु:

    इस अवसर पर डीएम ने 'सेवा-संवाद-समाधान' कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है।

    "इस कार्यक्रम से न केवल समाधान प्रक्रिया तेज हुई है, बल्कि प्रशासन के प्रति आम लोगों का भरोसा भी और मजबूत हुआ है।"

    गौरतलब है कि 'सबका सम्मान-जीवन आसान' बिहार सरकार के सात निश्चय-3 का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जनता को राहत पहुंचाना और शासन को जन-सुलभ बनाना है। WE News 24 ने पीड़ितों से बातचीत की, जिनमें अधिकांश ने त्वरित सुनवाई पर संतोष जताया, हालांकि भूमि विवाद के कुछ पुराने मामलों में लोगों ने जल्द फैसले की उम्मीद जताई।



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