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    सीतामढ़ी,पुनौरा धाम में जगतगुरु राम भद्राचार्य जी की भव्य राम कथा: “राम और सीता दोनों ब्रह्म हैं, दोनों एक ही हैं” — सीता जन्मभूमि का महत्व बताया

    सीतामढ़ी,पुनौरा धाम में जगतगुरु राम भद्राचार्य जी की भव्य राम कथा: “राम और सीता दोनों ब्रह्म हैं, दोनों एक ही हैं” — सीता जन्मभूमि का महत्व बताया


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    वी न्यूज 24 | We News 24

    सीतामढ़ी, बिहार | 20 अप्रैल 2026


    पुनौरा धाम (सीतामढ़ी)। माता सीता की प्राकट्य भूमि सीता प्रेक्षागृह, पुनौरा धाम में चल रही भव्य श्री राम कथा के दूसरे दिन जगत गुरु चित्रकूट पीठाधीश्वर श्री राम भद्राचार्य जी महाराज ने सीता जन्मभूमि के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीता की जन्मभूमि पुरानी धाम ही है और भव्य सीता मंदिर का निर्माण तेजी से हो रहा है।

    कथा आरंभ से पहले जानकी रमन शरण जी द्वारा रचित ‘मोदनंदिनी’ एवं ‘जगतगुरु चरितम’ पुस्तकों का विमोचन गुरुदेव के करकमलों द्वारा किया गया। कथा के पूर्व डॉक्टर सुरभि झा ने मैथिली गीत “धन धन जनक धन्य हथी मिथिला जेन सिया लेल अवतार हे” गाकर भक्तों में भक्ति भाव की लहर पैदा कर दी।


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    गुरुदेव के प्रमुख उद्गार:

    1. “राम और सीता दोनों ब्रह्म ही हैं। दोनों एक ही हैं। दोनों में कोई अंतर नहीं है। इसलिए राम-सीता एक ही हैं।”
    2. उन्होंने अपने संस्मरण साझा करते हुए बताया कि वर्ष 1994 में विश्व हिंदू परिषद के अशोक सिंहल जी के साथ सीता कुंड का दर्शन किया था और उन्हें सीता जन्मभूमि की बात बताई थी। उसी स्थान पर भारत माता मंत्र दिए गए थे।
    3. “जब राम जन्मभूमि अयोध्या धाम के लिए हम सर्वोच्च न्यायालय तक गए और वहां भव्य मंदिर बन गया, तो अब सीता जन्मभूमि पर भी भव्य मंदिर निर्माण हो रहा है। विरोधी पीछे छूट गए हैं।”
    4. गुरुदेव ने बताया कि 2010 से लगातार वे सीता जी को कथा श्रवण कराते आ रहे हैं।
    5. उन्होंने अपनी साहित्यिक उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक 376 पुस्तकों की रचना हो चुकी है। 15 हजार पृष्ठों की राम चरित पुस्तक संस्कृत भाषा में लिखी जा रही है, जिसका प्रकाशन जनवरी 2027 तक हो जाएगा। इस वर्ष कठिन तपस्या करनी है।

    गुरुदेव ने कहा कि छह दर्शनों में वेदांत दर्शन सर्वश्रेष्ठ है, जिसके रचयिता वेद व्यास जी हैं। भगवान को वेदांत दर्शन के माध्यम से ही जाना जा सकता है।

    आज की कथा के मुख्य यजमान जानकी नंदन पाण्डेय ने गुरु पूजन किया। विधायक सुनील कुमार पिंटू, कथा संयोजक राम शंकर शास्त्री, रघुनाथ तिवारी, धनुषधारी सिंह, त्रिपुरारी सिंह, बाल्मीकि कुमार, श्री निवास मिश्रा, मनोज सिंह समेत सैकड़ों भक्तों ने श्रद्धा भाव से कथा श्रवण किया।

    पुनौरा धाम मां जानकी की पावन जन्मभूमि के रूप में प्रसिद्ध है और यहां चल रही यह राम कथा श्रद्धालुओं के बीच भारी उत्साह का केंद्र बनी हुई है।

    वी न्यूज 24 के स्थानीय रिपोर्टर पवन साह के दीपक कुमार की रिपोर्ट।



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