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    सीतामढ़ी में दवा दुकानों की ऐतिहासिक बंदी सफल, नेशनल मार्केट में सैकड़ों दवा विक्रेताओं का शांतिपूर्ण धरना

    सीतामढ़ी में दवा दुकानों की ऐतिहासिक बंदी सफल, नेशनल मार्केट में सैकड़ों दवा विक्रेताओं का शांतिपूर्ण धरना





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    सीतामढ़ी संवाददाता पवन साह के साथ सीनियर पत्रकार दीपक कुमार :

    तारीख: 20 मई 2026

    सीतामढ़ी, 20 मई 2026। अखिल भारतीय दवा विक्रेता संघ के आवाहन पर बुधवार को सीतामढ़ी जिले की सभी दवा दुकानें पूर्णतः बंद रहीं। देशव्यापी बंदी के समर्थन में जिले भर के दवा विक्रेताओं ने नेशनल मार्केट में एकजुट होकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। बंदी को चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री तथा मेडिकल रिप्रजेंटेटिव एसोसिएशन का भी पूरा समर्थन मिला।

    धरना कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में दवा विक्रेता एवं व्यवसायी मौजूद रहे। कार्यक्रम में सुरेश सिकरिया, मनोज मित्तल, विनय कुमार, प्रदीप कुमार परशुरामपुरिया, चंद्र किशोर सिंह, चैंबर अध्यक्ष दर्शन कुमार, समाजसेवी चुनचुन सिंह, राजू श्रीवास्तव, गोपाल अग्रवाल, मंटू जी, प्रकाश सरावगी, सोनू शर्मा, विकास कुमार, गोविंद शर्मा, टिंकू जी एवं सुनील हिसारिया सहित सैकड़ों सदस्य उपस्थित रहे।



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    तीन प्रमुख मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद

    धरना के दौरान मीडिया से बातचीत में दवा विक्रेताओं ने सरकार के समक्ष अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं—

    1. अवैध फार्मेसी संचालन पर तत्काल रोक
    2. कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा दी जा रही अत्यधिक छूट पर नियंत्रण
    3. नकली दवाओं के बढ़ते कारोबार पर कठोर कार्रवाई

    दवा विक्रेताओं का कहना था कि ऑनलाइन और अवैध दवा कारोबार से छोटे व्यवसायियों के साथ-साथ आम जनता की सेहत भी खतरे में पड़ रही है।


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    “सस्ती दवा” के नाम पर लोगों को किया सतर्क

    धरना के दौरान दवा विक्रेताओं ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि केवल सस्ती दवा के आकर्षण में न पड़ें और हमेशा अपने आसपास के विश्वसनीय एवं प्रमाणित केमिस्ट से ही दवाएं खरीदें। उनका कहना था कि इससे दवाओं की गुणवत्ता, प्रामाणिकता और सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।


    आम लोगों को हुई परेशानी, लेकिन समर्थन भी मिला

    बंदी के कारण कई मरीजों और उनके परिजनों को दवाएं लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि कई लोगों ने दवा विक्रेताओं की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की।

    स्थानीय निवासी अरविंद कुमार ने कहा, “अगर नकली दवाओं पर रोक और अवैध कारोबार बंद करने की मांग हो रही है तो सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।”


    शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा प्रदर्शन

    पूरा धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ। प्रशासन की निगरानी में कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के समाप्त हुआ। जिले में शत-प्रतिशत बंदी को दवा विक्रेताओं ने अपनी एकजुटता की बड़ी सफलता बताया।




     

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