दिल्ली में मौत का मकान! खिड़की एक्सटेंशन अग्निकांड ने खोली सिस्टम की पोल, 21 मौतों के बाद भी जवाबदेही पर सवाल
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नई दिल्ली | We News 24 ब्यूरो
राजधानी दिल्ली में एक बार फिर अवैध निर्माण, प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी ने दर्जनों परिवारों को तबाह कर दिया। 03 जून 2025 की सुबह लगभग 8 बजे मालवीय नगर स्थित खिड़की एक्सटेंशन की एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल होकर साकेत स्थित अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस इमारत में आग लगी, वह मूल रूप से मात्र 6 कमरों की स्वीकृति के साथ बनाई गई थी, लेकिन उसमें कथित रूप से 26 कमरे विकसित कर दिए गए थे। आरोप यह भी हैं कि बेसमेंट में पीजी, पहली मंजिल पर रेस्टोरेंट तथा ऊपरी मंजिलों पर होटल जैसी व्यवस्था संचालित की जा रही थी। बताया जा रहा है कि यहां मैक्स साकेत में भर्ती मरीजों के परिजन भी किराये पर रहते थे।
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घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि भवन में नियमों के विपरीत गतिविधियां चल रही थीं तो संबंधित विभागों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की? स्थानीय निवासियों का कहना है कि अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों की जानकारी प्रशासनिक तंत्र को होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
शाहदुलाजाब हादसे के बाद भी नहीं जागा सिस्टम
खिड़की एक्सटेंशन अग्निकांड ऐसे समय में हुआ है जब कुछ समय पूर्व ही नजदीकी शाहदुलाजाब क्षेत्र में एक बहुमंजिला इमारत ढहने की घटना ने दिल्ली को झकझोर दिया था। उस हादसे में भी कई लोगों की मौत हुई थी। इसके बावजूद अवैध निर्माण और भवन सुरक्षा को लेकर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगातार लग रहे हैं।
सरकार और प्रशासन पर उठ रहे सवाल
घटना के बाद विपक्षी दलों और स्थानीय लोगों ने दिल्ली सरकार, नगर निगम तथा प्रशासनिक एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि भवन सुरक्षा मानकों का समय पर पालन कराया जाता तो शायद इतनी बड़ी जनहानि टाली जा सकती थी।
इसी बीच दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष Devender Yadav, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष Yoganand Shastri तथा कांग्रेस के अन्य नेताओं ने घटनास्थल का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और संवेदना व्यक्त की।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाया जाए कि भवन निर्माण, अग्नि सुरक्षा और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं। साथ ही यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
दिल्ली में लगातार सामने आ रहे अग्निकांड और भवन दुर्घटनाओं ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक लापरवाही की कीमत आम नागरिक अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे?
We News 24 की मांग:
पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए, घायलों का संपूर्ण इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाए तथा पूरे मामले की समयबद्ध न्यायिक या उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को कठोर दंड दिया जाए।
दिवंगत आत्माओं को भावभीनी श्रद्धांजलि।
रिपोर्टर: दीपक कुमार वरिष्ठ पत्रकार
न्यूज़ पोर्टल: We News 24
स्थान: मालवीय नगर, नई दिल्ली



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