Header Ads

ad728
  • Latest Stories

    BJP New Team: नितिन नवीन की नई टीम का ऐलान, वसुंधरा राजे उपाध्यक्ष; स्मृति ईरानी महासचिव

    BJP New Team: नितिन नवीन की नई टीम का ऐलान, वसुंधरा राजे उपाध्यक्ष; स्मृति ईरानी महासचिव



    बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। वसुंधरा राजे समेत 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और स्मृति ईरानी व विनोद तावड़े को महासचिव की जिम्मेदारी मिली है।


    📢 We News 24 Digital News / वी न्यूज 24 डिजिटल


    नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया। नई टीम में संगठन के कई पुराने और अनुभवी चेहरों को फिर से महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं, वहीं कुछ नए नेताओं को भी राष्ट्रीय संगठन में जगह मिली है।

    नई सूची में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों के नाम शामिल हैं। इनमें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, राम माधव, बैजयंत जय पांडा और डी. पुरंदेश्वरी जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।


    13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की सूची

    बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर इन नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है—

    1. वसुंधरा राजे सिंधिया
    2. तीरथ सिंह रावत
    3. राम माधव
    4. बैजयंत जय पांडा
    5. डी. पुरंदेश्वरी
    6. रेखा वर्मा
    7. वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी
    8. भारती प्रवीण पवार
    9. मनप्रीत सिंह बादल
    10. लाल सिंह आर्य
    11. एम. नागराजा
    12. तारिक मंसूर
    13. मधुचंद्र


    ये खबर भी पढ़े-

    .com/img/a/





    इन नियुक्तियों के जरिए बीजेपी ने राष्ट्रीय संगठन में अलग-अलग राज्यों और सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है।


    स्मृति ईरानी की राष्ट्रीय राजनीति में वापसी

    नई टीम में सबसे ज्यादा चर्चा स्मृति ईरानी की वापसी को लेकर है। उन्हें राष्ट्रीय महासचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।

    2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से हार के बाद स्मृति ईरानी को बीजेपी के केंद्रीय संगठन में तत्काल कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिली थी। अब राष्ट्रीय महासचिव के रूप में उनकी वापसी को पार्टी के संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    महिला नेतृत्व और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के जनसंपर्क को मजबूत करने के लिहाज से भी इस नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा सकता है।




    विनोद तावड़े को भी बड़ी जिम्मेदारी

    बीजेपी के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े को भी राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। संगठन में उनका लंबा अनुभव रहा है और पार्टी के चुनावी प्रबंधन में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

    राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर तावड़े और स्मृति ईरानी समेत अन्य पदाधिकारियों के सामने संगठन को मजबूत करने और राज्यों के साथ बेहतर समन्वय की चुनौती होगी।


    पीयूष गोयल बने राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष

    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। संगठन में कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी आर्थिक प्रबंधन और पार्टी के वित्तीय ढांचे से जुड़ी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।


    यूपी को भी मिली अहम जगह

    नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश को भी महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व मिला है। राष्ट्रीय महासचिवों की सूची में हरीश द्विवेदी का नाम शामिल है।

    उत्तर प्रदेश बीजेपी के लिए बेहद महत्वपूर्ण राज्य है और यहां 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में राष्ट्रीय संगठन में यूपी के नेताओं को मिली जिम्मेदारी को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

    हालांकि किसी नियुक्ति का चुनावी उद्देश्य सीधे तौर पर पार्टी की ओर से घोषित नहीं किया गया है, लेकिन उत्तर प्रदेश की राजनीतिक अहमियत को देखते हुए नई टीम में राज्य के प्रतिनिधित्व पर नजर स्वाभाविक रूप से रहेगी।

    ये खबर भी पढ़े-

    .com/img/a/


    अनुभव और नई ऊर्जा का संतुलन

    नितिन नवीन की नई टीम में एक तरफ वसुंधरा राजे, राम माधव और तीरथ सिंह रावत जैसे अनुभवी नेता हैं, तो दूसरी ओर कई ऐसे चेहरे भी हैं जिन्हें आने वाले समय में संगठन में बड़ी भूमिका निभाने का अवसर मिल सकता है।

    इससे संकेत मिलता है कि बीजेपी ने राष्ट्रीय संगठन में केवल चेहरों को बदलने के बजाय अनुभव और नई पीढ़ी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।


    2027 के विधानसभा चुनावों पर नजर

    नई राष्ट्रीय टीम के गठन का समय भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। 2027 में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई टीम के सामने संगठन को चुनावी स्तर पर सक्रिय करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

    बीजेपी के लिए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाना और विभिन्न सामाजिक समूहों तक पार्टी की पहुंच को मजबूत बनाए रखना अहम चुनौती होगी।

    नई टीम आने वाले महीनों में राज्यों के संगठनात्मक कामकाज, चुनावी तैयारियों और पार्टी की राष्ट्रीय रणनीति में कितनी प्रभावी साबित होती है, इस पर अब राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।

    रिपोर्ट: अर्पित शुक्ला, राजनीतिक संवाददाता | We News 24

    कोई टिप्पणी नहीं

    कोमेंट करनेके लिए धन्यवाद

    Post Top Ad

    ad728

    Post Bottom Ad

    ad728