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    JPSC JSSC Scam: 22 दिन से आंदोलन पर छात्र, 20 अगस्त को CM आवास घेराव का ऐलान

     

    JPSC JSSC Scam: 22 दिन से आंदोलन पर छात्र, 20 अगस्त को CM आवास घेराव का ऐलान

    में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। 22 दिन से जारी प्रदर्शन के बीच 20 अगस्त को CM आवास घेराव का ऐलान किया गया है।


    📢 We News 24 Digital News / वी न्यूज 24 डिजिटल


    रांची। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। पिछले 22 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने अब राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन को और व्यापक करने का ऐलान किया है।

    स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राजधानी रांची में छात्रों ने विशाल 'तिरंगा यात्रा' निकाली। इस दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सड़क पर उतरे और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग उठाई।

    आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 'जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच' ने कहा है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द ठोस फैसला नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


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    20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेरने का ऐलान

    छात्र संगठनों ने घोषणा की है कि 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव किया जाएगा। इसके अलावा आंदोलनकारियों ने रविवार को राज्य के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले फूंकने का भी ऐलान किया है।

    प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। रिफॉर्म्स मंच के नेता रवींद्र पासवान ने सरकार पर छात्रों की मांगों को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया।

    पासवान ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री छात्रों की समस्याओं को नहीं सुन रहे हैं तो कांग्रेस को जेएमएम के नेतृत्व वाली सरकार से अपना समर्थन वापस लेने पर विचार करना चाहिए।


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    अस्पताल में भर्ती छात्र नेता को यात्रा में शामिल होने से रोका

    आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल देवेंद्र नाथ महतो फिलहाल रांची के सदर अस्पताल में भर्ती हैं। शनिवार को उन्होंने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होने वाली तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश की।

    प्रशासन ने उन्हें बाहर जाने से रोक दिया। अधिकारियों की ओर से इसके पीछे उनके स्वास्थ्य की स्थिति को वजह बताया गया। अस्पताल के बाहर सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

    इस दौरान महतो के समर्थकों और पुलिसकर्मियों के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। समर्थकों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनके नेता को तिरंगा यात्रा में शामिल होने से जबरन रोका। वहीं प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया गया।

    सरकार और छात्रों के बीच तीन दौर की बातचीत

    छात्रों का आंदोलन भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर चल रहा है। आंदोलनकारियों के मुताबिक, सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच अब तक तीन दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी है।

    इसी वजह से छात्रों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार स्पष्ट और लिखित निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा।


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    भूख हड़ताल कर रहे छात्रों ने भी निकाली तिरंगा यात्रा

    स्वतंत्रता दिवस पर रांची में निकाली गई तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। आंदोलन की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भूख हड़ताल पर बैठे दो प्रदर्शनकारी व्हीलचेयर के सहारे यात्रा में पहुंचे।

    देवेंद्र नाथ महतो के यात्रा में शामिल नहीं हो पाने के बावजूद छात्रों ने प्रदर्शन जारी रखा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तिरंगा यात्रा अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची।

    अब सरकार के अगले कदम पर नजर

    जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन अब निर्णायक दौर में पहुंचता दिखाई दे रहा है। एक तरफ छात्र उच्चस्तरीय जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग पर अड़े हैं, वहीं सरकार के साथ हुई बातचीत से अभी तक कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका है।

    20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव से पहले प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में अब सभी की नजरें सरकार के रुख और छात्रों के अगले कदम पर टिकी हैं।

    रिपोर्ट: अमन प्रकाश, विशेष संवाददाता | We News 24

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