लोनी रोड पर अतिक्रमण का असर: 150 फीट की सड़क सिमटी 40-45 फीट, जाम से परेशान लोग
पूर्वी दिल्ली की लोनी रोड अतिक्रमण के चलते कई जगह 150 फीट से घटकर 40-45 फीट रह गई है। सड़क चौड़ीकरण की योजना और हाई कोर्ट की याचिका के बीच लोगों को जाम से राहत का इंतजार है।
📢 We News 24 Digital News / वी न्यूज 24 डिजिटल
पूर्वी दिल्ली। मास्टर प्लान के अनुसार करीब 150 फीट चौड़ी लोनी रोड अतिक्रमण के चलते कई हिस्सों में सिमटकर महज 40 से 45 फीट रह गई है। सड़क के दोनों ओर दुकानें, रेहड़ी-पटरी, अस्थायी ढांचे और अन्य निर्माण होने से वाहनों के लिए उपलब्ध जगह लगातार कम हो रही है। इसका सीधा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है और वाहनों का दबाव बढ़ते ही सड़क के कई हिस्सों में जाम की स्थिति बन जाती है।
लोनी रोड शाहदरा जीटी रोड को लोनी, दुर्गापुरी और बलबीर नगर समेत आसपास के इलाकों से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। रोजाना बड़ी संख्या में वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क किनारे अतिक्रमण और अनधिकृत गतिविधियां यातायात के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं।
ये खबर भी पढ़े-
नाबालिग साली से दुष्कर्म का आरोप, पत्नी बनाती रही वीडियो; गाजियाबाद पुलिस ने महिला को भी किया गिरफ्तार
पैदल यात्रियों के लिए भी जगह कम
लोनी रोड के कई हिस्सों में स्थिति ऐसी है कि पैदल यात्रियों के लिए भी पर्याप्त स्थान नहीं बचा है। सड़क किनारे पार्किंग, दुकानों के बाहर रखा सामान और रेहड़ी-पटरी के कारण सड़क का उपयोगी हिस्सा लगातार कम होता जा रहा है।
दिल्ली सरकार की ओर से सड़क को चौड़ा करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत प्रभावित स्थानों का सर्वे भी किया गया है। पुराने नक्शों और मौजूदा स्थिति का मिलान कर यह आकलन किया गया कि मास्टर प्लान के अनुसार सड़क की निर्धारित चौड़ाई बहाल करने के लिए किन हिस्सों में कितनी जगह की जरूरत होगी।
व्यापारियों ने हाई कोर्ट का रुख किया
सड़क किनारे मौजूद दुकानों और निर्माणों को लेकर कार्रवाई की संभावना के बीच व्यापारियों ने हाई कोर्ट का रुख किया था। व्यापारियों की याचिका पर अदालत ने निर्देश दिया है कि व्यापारियों का पक्ष सुने बिना सरकार कार्रवाई नहीं करे।
ये खबर भी पढ़े-
मेहसौल ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में तेजी के निर्देश, डीएम ने किया औचक निरीक्षण
इसके चलते अब प्रशासन के सामने अतिक्रमण हटाने और सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के साथ-साथ न्यायालय के निर्देशों का पालन करने की चुनौती भी है।
हाई कोर्ट में अतिक्रमण को लेकर याचिका
लोनी रोड पर अतिक्रमण और कथित अवैध निर्माण को लेकर अधिवक्ता अखिलेश कुमार दीक्षित की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में सड़क पर अतिक्रमण, अनधिकृत ढांचों, दुकानों, खोखों, रेहड़ी-पटरी और सड़क के हिस्से को प्रभावित कर रहे बिजली के खंभों का मुद्दा उठाया गया है।
याचिका में मास्टर प्लान के अनुरूप सड़क की निर्धारित चौड़ाई बहाल करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता के अनुसार, कई स्थानों पर दुकानों का सामान सड़क तक फैला हुआ है, जबकि कहीं रेहड़ी-पटरी और अस्थायी ढांचे यातायात क्षेत्र को घेर रहे हैं।
अधिवक्ता अखिलेश कुमार दीक्षित का कहना है कि प्रशासन को पहले अस्थायी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करनी चाहिए। इसके बाद सड़क के चौड़ीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
चौड़ी सड़क का इंतजार, जाम से कब मिलेगी राहत?
लोनी रोड पूर्वी दिल्ली के लिए महत्वपूर्ण यातायात मार्ग है। ऐसे में मास्टर प्लान में निर्धारित चौड़ाई और मौजूदा सड़क की स्थिति में बड़ा अंतर यातायात प्रबंधन पर सवाल खड़े करता है। सड़क के दोनों ओर से अतिक्रमण हटने और प्रस्तावित चौड़ीकरण होने पर ही वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल सर्वे और कानूनी प्रक्रिया के बीच लोनी रोड पर यातायात की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई और सड़क की निर्धारित चौड़ाई बहाल करने की योजना पर है।
रिपोर्ट: रवि शंकर मिश्रा, पूर्वी दिल्ली
लोनी रोड अतिक्रमण
🏷️ Tags
लोनी रोड, लोनी रोड अतिक्रमण, पूर्वी दिल्ली, दिल्ली अतिक्रमण, सड़क चौड़ीकरण, दिल्ली ट्रैफिक, हाई कोर्ट, लोनी रोड जाम, Delhi News
कोई टिप्पणी नहीं
कोमेंट करनेके लिए धन्यवाद