नेपाल: भोटे कोशी नदी का जलस्तर फिर बढ़ा, तीन जिलों में हाई अलर्ट,मौत का आंकड़ा 675 पहुंचा, 2418 लापता

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काठमांडू | स्थानीय रिपोर्टर: मनोज तिवारी
नेपाल में त्रासदी के बाद एक बार फिर भोटे कोशी नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। पानी के अचानक बढ़ते प्रवाह और तेज गर्जना को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है।
अधिकारियों ने नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और राहत टीमों से बहुत सावधानी बरतने और सतर्क रहने को कहा है।
अलर्ट मोड पर प्रशासन
रसुवा में नदी के तटीय इलाकों और नेपाल-चीन सीमा के आसपास रहने वाले समुदायों को जलस्तर पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर नुवाकोट और धादिंग में नदी बेसिन के समीप आपातकालीन सेवाओं और स्थानीय प्रशासन की टीमों को अलर्ट मोड (स्टैंडबाय) पर रखा गया है।
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NDRRMA ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा, “रसुवा जिला प्रशासन कार्यालय को भोटे कोशी नदी में उफान और तेज बहाव की आवाज सुने जाने की सूचना मिली है। इसी कारण रसुवा, नुवाकोट और धादिंग के नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की जाती है। जैसे ही अतिरिक्त जानकारी प्राप्त होगी, हम नया अपडेट जारी करेंगे।”
यह नई चेतावनी उन तीन प्रमुख जिलों के लिए जारी की गई है, जो 26 अगस्त को आई फ्लैश फ्लड में सबसे अधिक प्रभावित हुए थे।
मौत का आंकड़ा बढ़ा
नेपाल में भोटे कोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ से स्थिति अत्यंत गंभीर हो चुकी है। अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 675 हो गई है और 2,418 लोग लापता हैं। इस त्रासदी में 287 भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के 128 लोग (PIOs) भी लापता बताए जा रहे हैं।
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राहत और बचाव अभियान के बीच रसुवा की एक पनबिजली परियोजना से चार भारतीयों—रिपु कुमार, चनेश्वर नर्ज़री, कृपा शंकर और मोहम्मद मिन्हाजुद्दीन—को सुरक्षित निकालकर काठमांडू पहुंचाया गया है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से बचाए गए भारतीय नागरिकों की कुल संख्या 88 हो गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे न जाएं और आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।
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