बिहार में इतिहास रचने जा रहा है दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग, 17 जनवरी को केसरिया में होगी स्थापना, 3 किमी पैदल चलकर करेंगे दर्शन
We News 24 : डिजिटल डेस्क »✍️रिपोर्ट: मुकेश कुमार | केसरिया, पूर्वी चंपारण
केसरिया (पूर्वी चंपारण)। बिहार की धरती पर एक ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। आगामी 17 जनवरी 2026 को पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया (कैथवलिया) स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर में दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। इस आयोजन को लेकर पूरे इलाके में जबरदस्त उत्साह और श्रद्धा का माहौल है।
यह शिवलिंग कोई साधारण नहीं, बल्कि सहस्त्रलिंगम स्वरूप में है, जिसकी ऊँचाई करीब 33 फीट और वजन लगभग 210 टन बताया जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि यह शिवलिंग एक ही काले ग्रेनाइट पत्थर से तराशा गया है। इसे तैयार करने में करीब 10 साल का समय लगा है।
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यह विशाल शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से लगभग 2500 किलोमीटर की लंबी और कठिन यात्रा तय कर विशेष ट्रेलर के माध्यम से बिहार लाया गया है। इसके परिवहन के दौरान कई राज्यों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। मंदिर परिसर से तीन किलोमीटर पहले ही सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। अब श्रद्धालुओं को तीन किलोमीटर पैदल चलकर शिवलिंग के दर्शन करने होंगे।
इस 210 टन वजनी शिवलिंग को स्थापित करने के लिए दो विशेष भारी-भरकम क्रेनों की व्यवस्था की गई है। इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम कई दिनों से इसकी तैयारियों में जुटी हुई है।
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स्थापना समारोह को भी बेहद भव्य बनाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इस दौरान हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाएगी और देश के पांच प्रमुख तीर्थ स्थलों — कैलाश मानसरोवर, गंगोत्री, हरिद्वार, प्रयागराज और सोनपुर — से लाए गए पवित्र जल से शिवलिंग का महाअभिषेक किया जाएगा। पूरे परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार गूंजेगा।
यह भव्य आयोजन माघ कृष्ण चतुर्दशी के दिन होगा, जिसे धार्मिक मान्यताओं में शिवरात्रि के समान ही पवित्र माना जाता है।
गौरतलब है कि विराट रामायण मंदिर का निर्माण कंबोडिया के प्रसिद्ध अंकोरवाट मंदिर से प्रेरित होकर किया जा रहा है और इसके पूरा होने के बाद यह दुनिया के सबसे बड़े मंदिर परिसरों में गिना जाएगा।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह आयोजन केसरिया ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए गौरव और पहचान का नया अध्याय साबित होगा।
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