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✍️न्यूज रिपोर्टर: अंकित वर्मा बीजिंग/नई दिल्ली, | 25 जनवरी 2026
बीजिंग/नई दिल्ली, चीन की सेना में चल रहे बड़े पैमाने पर ‘सुधार’ और ‘भ्रष्टाचार विरोधी अभियान’ के नाम पर जो गिरफ्तारियां हो रही हैं, उनकी असल वजह अब बाहर आ रही है। चीन के सबसे ताकतवर जनरल झांग यूश्या और रणनीति प्रमुख ल्यू झेनली की गिरफ्तारी को बीजिंग ने अनुशासन उल्लंघन बताया, लेकिन कनाडा में रह रही चीनी लेखिका शेंग शुए ने अपने विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि यह शी जिनपिंग के खिलाफ नाकाम तख्तापलट की कोशिश थी।
कैसे रची गई थी साजिश?
शेंग शुए के अनुसार, 18 जनवरी की शाम झांग यूश्या और उनके साथी जनरल ल्यू झेनली ने शी जिनपिंग को हिरासत में लेने की योजना बनाई थी। शी उस रात पश्चिमी बीजिंग के जिंगशी होटल में ठहरे हुए थे। शी की सुरक्षा के लिए कोई फिक्स्ड जगह नहीं होती, वे लगातार लोकेशन बदलते रहते हैं। झांग के खेमे को लगा कि जिंगशी होटल सबसे सुनहरा मौका है। प्लान था कि रात में ही शी को पकड़ लिया जाए और सत्ता पर कब्जा कर लिया जाए।
लेकिन ऑपरेशन से महज दो घंटे पहले प्लान लीक हो गया। या तो शी के पास पहले से झांग के आसपास जासूस थे या किसी ने आखिरी पल में धोखा दे दिया। जानकारी मिलते ही शी जिनपिंग तुरंत होटल से निकल गए और पलटवार की कमान संभाल ली।
जिंगशी होटल में खूनी मुठभेड़
झांग के लोग तय समय पर पहुंचे, लेकिन उन्हें पता नहीं था कि उनका राज खुल चुका है। शी की ओर से तैनात निजी सुरक्षा दल ने उन्हें रोक लिया। दोनों तरफ से गोलियां चलीं। इस भयंकर टकराव में शी जिनपिंग के निजी बॉडीगार्डों में से 9 जवान शहीद हो गए। झांग के कई समर्थक भी मारे गए।
तुरंत गिरफ्तारी और परिवारों पर छापा
मुठभेड़ के बाद शी ने फौरन आदेश दिया – झांग यूश्या और ल्यू झेनली को गिरफ्तार करो। उसी रात उनके परिवारों को भी हिरासत में ले लिया गया। शेंग शुए के सूत्र ने बताया कि झांग ने परिवार को पहले सुरक्षित क्यों नहीं किया? जवाब था – ऐसा करने से तख्तापलट का शक हो जाता।
कुछ दिनों बाद सरकारी मीडिया ने घोषणा की कि झांग और ल्यू ‘गंभीर अनुशासन उल्लंघन’ के आरोपी हैं। जानकार मानते हैं कि इतनी जल्दी सार्वजनिक बयान शी की ओर से स्थिति को काबू में दिखाने की कोशिश थी।
शी जिनपिंग का डर और सख्ती
इस घटना ने शी को भीतर तक हिला दिया है। शेंग शुए का दावा है कि उनकी मां और बहन को भी खतरे की सूचना मिली और उन्हें शेनझेन के एक गेस्टहाउस में अत्यधिक सुरक्षा में रखा गया है। पूरा इलाका सील कर दिया गया।
तख्तापलट की वजह क्या थी?
लेखिका का कहना है कि झांग यूश्या अकेले नहीं थे। वे उस ग्रुप का हिस्सा थे जो शी की बढ़ती तानाशाही से डर गया था। सेना और पार्टी में लगातार ‘सफाई’ चल रही थी। बड़े-बड़े चेहरे गिर रहे थे। झांग को लगा कि अगला नंबर उनका है। शी अब किसी पर भरोसा नहीं करते – हर किसी को शक की नजर से देखते हैं। यही डर विद्रोह की वजह बन गया।
पहले भी कितनी साजिशें?
सूत्रों का दावा है कि यह शी जिनपिंग पर चौथी जानलेवा साजिश थी। 2013 में भी एक कोशिश हुई थी, जिसमें शी का करीबी गार्ड मारा गया और गोली उनके पैर को छूकर निकली थी। उसके बाद शी करीब 20 दिन तक गायब रहे थे।
आगे क्या होगा?
शेंग शुए मानती हैं कि अब शी या तो और सख्ती बरतेंगे, सेना की पूरी संरचना बदल देंगे या फिर यह डर और तनाव उन्हें कमजोर कर देगा। चीन इसे ‘सेना सुधार’ कह रहा है, लेकिन पर्दे के पीछे असली जंग सत्ता की है।
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