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    757वें उर्स की रौनक: मनेर दरगाह और खानकाह रंग-बिरंगी रोशनियों से जगमग, 30 जनवरी से शुरू होगा तीन दिवसीय सूफी महोत्सव


    757वें उर्स की रौनक: मनेर दरगाह और खानकाह रंग-बिरंगी रोशनियों से जगमग, 30 जनवरी से शुरू होगा तीन दिवसीय सूफी महोत्सव


    📢 We News 24 Digital News / वी न्यूज 24 डिजिटल

    ✍️ रिपोर्टर:कलीम

    📍 बिहटा,बिहार  | गुरुवार , 29 जनवरी 2026

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    मनेर, 29 जनवरी: सूफी परंपरा का एक प्रमुख केंद्र, मनेर शरीफ, आने वाले तीन दिवसीय आध्यात्मिक महोत्सव के लिए पूरी तरह से तैयार है। हजरत मखदूम शाह कमालुद्दीन अहमद याहया मनेरी रहमतुल्लाह अलेह का 757वां सालाना उर्स मुबारक 30 जनवरी से शुरू होकर 1 फरवरी तक मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर पूरे खानकाह और दरगाह परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों और सजावट से आकर्षक बनाया गया है, जो दूर से ही आने वाले जायरीनों का मन मोह रहा है।

    इस उर्स की तैयारियों को लेकर खानकाह के गद्दीनशीन सैयद शाह तारिक एनयतुल्लाह फिरदोशी ने बताया कि सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा, "यह आध्यात्मिक समागम सद्भाव और प्रेम का संदेश फैलाता है। अकीदतमंदों को पैगंबर मोहम्मद साहब और हजरत मखदूम शाह से जुड़ी पवित्र वस्तुओं के दर्शन का अवसर मिलेगा।" उर्स के दौरान बड़ी दरगाह और छोटी दरगाह के परिसर में एक बड़े मेले का भी आयोजन किया गया है, जहां धार्मिक साहित्य से लेकर स्थानीय हस्तशिल्प तक की दुकानें सजी हुई हैं।


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    प्रशासन ने भी किए हैं विशेष इंतजाम

    मनेर नगर परिषद के अध्यक्ष विद्याधर विनोद ने बताया कि उर्स और मेले में आने वाले लाखों जायरीनों की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा, "हमने परिसर में पर्याप्त रोशनी, पेयजल, अस्थायी शौचालय और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की है। बैरिकेटिंग लगाकर भीड़ प्रबंधन का भी पूरा ध्यान रखा गया है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या परेशानी न हो।"

    पिछले कुछ दिनों से ही देश के विभिन्न कोनों से अकीदतमंदों का मनेर पहुंचना शुरू हो गया है। खानकाह और आसपास के इलाकों में रौनक बढ़ती जा रही है। स्थानीय दुकानदारों ने भी इस आयोजन के लिए खास तैयारियां की हैं। मेले में लगने वाली झूलों, खाने-पीने के स्टॉल और बच्चों के मनोरंजन के साधनों ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया है।


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    सदियों पुरानी है परंपरा

    हजरत मखदूम शाह मनेरी की दरगाह सूफी संतों और जनसाधारण के बीच आपसी प्रेम और भाईचारे का प्रतीक रही है। हर साल आयोजित होने वाला यह उर्स न सिर्फ एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि सांस्कृतिक एकता और साम्प्रदायिक सौहार्द का भी अनूठा उदाहरण है। इस दौरान की जाने वाली कव्वाली, धिक्र और दरगाह पर चादरपोशी की रस्में भक्तों के आकर्षण का केंद्र होती हैं।

    स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के भी पर्याप्त इंतजाम किए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी में तैनात हैं ताकि उर्स शांति और भक्तिभाव के साथ संपन्न हो सके।

    वी न्यूज 24 की टीम सभी अकीदतमंदों के लिए इस पावन उर्स की शुभकामनाएं देती है। हम इस आयोजन की विशेष रिपोर्ट लेकर लगातार आपके सामने रहेंगे।

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