SIR के बाद यूपी की वोटर लिस्ट में भूचाल, लखनऊ-प्रयागराज-कानपुर सबसे ज्यादा प्रभावित
We News 24 : डिजिटल डेस्क »✍️ रिपोर्ट: शैलेश तिवारी |
लखनऊ ब्यूरो, वी न्यूज 24
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जैसे ही ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हुई, प्रदेश की सियासत से लेकर आम गलियों तक हलचल मच गई है। 4 नवंबर से 26 दिसंबर तक चली इस व्यापक पुनरीक्षण प्रक्रिया के बाद जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं।
प्रदेश में इस बार करीब 2 करोड़ 88 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम सूची से बाहर कर दिए गए हैं। यानी लगभग 18.70 फीसदी वोटर कम हो गए हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक ये वे मतदाता हैं जो या तो पते पर नहीं मिले, स्थानांतरित हो चुके हैं या फिर सत्यापन में अपात्र पाए गए।
बड़े शहर सबसे ज्यादा प्रभावित
इस SIR प्रक्रिया में सबसे बड़ा झटका प्रदेश के बड़े और शहरी जिलों को लगा है।
- लखनऊ: 12 लाख 82 हजार से ज्यादा नाम कटे
- प्रयागराज: 11 लाख 56 हजार 339 वोट कटे
- कानपुर: 9 लाख से ज्यादा नाम हटे
- आगरा: 8 लाख 36 हजार 965 नाम कटे
- गाजियाबाद: 8 लाख 18 हजार 325 वोट गायब
- बरेली: 7 लाख 14 हजार 768
- मेरठ: 6 लाख 65 हजार 647
- गोरखपुर: 6 लाख 45 हजार 634
- जौनपुर: 5 लाख 89 हजार 546
- वाराणसी: 5 लाख 73 हजार 217
- नोएडा (गौतम बुद्ध नगर): 4 लाख 47 हजार 479
कहां कितने प्रतिशत वोटर गायब?
कुछ जिलों में तो हालात और भी गंभीर हैं:
- मेरठ: करीब 28% वोटर गायब
- कानपुर नगर: 25.50% वोटर कम
- प्रयागराज: 24.64% घटे
- नोएडा: 23.98%
- आगरा: 23.25%
- बलरामपुर: 26% वोटर सूची से बाहर
बलरामपुर में अकेले 1.60 लाख मतदाता कम हो गए हैं।
👉ये भी पढ़े- दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग बिहार पहुंचा! 17 जनवरी को होगा ऐतिहासिक अभिषेक, हेलीकॉप्टर से बरसेगा जल
2.89 करोड़ वोटर अनमैप्ड, अब मिलेगा मौका
चुनाव आयोग के मुताबिक SIR के दौरान करीब 2.89 करोड़ वोटर “अनमैप्ड” पाए गए हैं। इन सभी को अब नोटिस भेजा जाएगा और उन्हें 6 फरवरी तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलेगा।
ऐसे चेक करें अपना नाम
अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आपका नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं, तो:
- 👉 https://www.eci.gov.in/ वेबसाइट पर जाएं
- “Search Your Name in E-Roll” पर क्लिक करें
- “विवरण द्वारा खोजें” वाले टैब में जाएं
- नाम, उम्र, जिला आदि भरें और सर्च करें
सियासी हलकों में बढ़ी बेचैनी
राजनीतिक जानकारों की मानें तो इतनी बड़ी संख्या में वोटरों के नाम कटना आने वाले चुनावों में सीधे-सीधे राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। खासकर शहरी सीटों पर इसका असर सबसे ज्यादा दिख सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगह घर पर मौजूद होने के बावजूद नाम कट गया, जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
धन्यवाद! हमें खुशी है कि आपने वी न्यूज 24 की खबरें पढ़ीं।
आपके विचार हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं! अगर आपको हमारी रिपोर्टिंग पसंद आई, या कोई सुझाव हो, तो नीचे कमेंट जरूर करें — आपकी राय हमें और बेहतर बनाने में मदद करेगी।
कोई टिप्पणी नहीं
कोमेंट करनेके लिए धन्यवाद