वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द ,सीएम उमर अब्दुल्ला ने संघर्ष समिति पर साधा निशाना
We News 24 : डिजिटल डेस्क »✍️रिपोर्टर: विक्रम सिंह, वी न्यूज 24 (जम्मू ब्यूरो)
जम्मू, 08 जनवरी 2026। यार, जम्मू-कश्मीर में फिर एक बार विवाद की आग भड़क गई है। श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (SMVDIME) की MBBS मान्यता नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने रद्द कर दी। वजह बताई गई है न्यूनतम मानकों का पालन न करना – फैकल्टी कम, इंफ्रास्ट्रक्चर में कमी, क्लिनिकल सुविधाएं नाकाफी। लेकिन असल में ये विवाद एडमिशन लिस्ट से शुरू हुआ था, जहां 50 सीटों में 42 मुस्लिम छात्रों के नाम आए थे, सिर्फ 7 हिंदू और 1 सिख। इसके बाद हिंदू संगठनों और संघर्ष समिति ने जमकर हंगामा किया – प्रदर्शन, धरना, मांग कि माता के भक्तों के चढ़ावे से बने कॉलेज में हिंदू बच्चों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
अब NMC के फैसले के बाद जम्मू में संघर्ष समिति और BJP समर्थकों ने जश्न मनाया – मिठाइयां बांटीं, पटाखे फोड़े, नाच-गाना किया। लेकिन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सांबा में पत्रकारों से बातचीत में तीखा रिएक्शन दिया। बोले, "दूसरे राज्यों में लोग मेडिकल कॉलेज के लिए लड़ते हैं, यहां हमने अपना ही कॉलेज बंद करवा दिया। अगर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करके खुश हो, तो पटाखे फोड़ो, जश्न मनाओ!" उमर अब्दुल्ला ने आगे कहा कि NEET क्लियर करने वाले इन 50 छात्रों का मेरिट है, उनका भविष्य सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। हम सुपर न्यूमररी सीटों पर उन्हें जम्मू-कश्मीर के सबसे नजदीकी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडजस्ट करवाएंगे, ताकि पढ़ाई पर कोई असर न पड़े।
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सीएम ने भावुक होकर कहा, "इस साल 40 सीटें कश्मीर के बच्चों को मिलीं, लेकिन अगले सालों में सीटें 400-500 तक बढ़तीं, तो 250-300 जम्मू के बच्चे पढ़ते। पूरे देश में मेडिकल सीटों के लिए तरसते हैं, अच्छा-खासा कॉलेज मिला था, लेकिन राजनीति और धर्म के नाम पर बंद करवा दिया। अब जश्न मना रहे हो? ये जम्मू का नुकसान है!" उमर अब्दुल्ला ने संघर्ष समिति पर तंज कसा कि दूसरे देशों में लोग कॉलेज बनाने के लिए लड़ते हैं, यहां बंद कराने के लिए।
बता दें कि कॉलेज रियासी जिले के कटरा में है, जो श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के तहत चलता है। विवाद नवंबर 2025 से शुरू हुआ था, जब एडमिशन लिस्ट आई। हिंदू संगठनों ने कहा कि माता के भक्तों के दान से बना कॉलेज है, तो हिंदू बच्चों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। प्रदर्शन इतने तेज हुए कि NMC ने अचानक इंस्पेक्शन किया और कमियां पाकर LoP वापस ले लिया। अब 50 छात्रों को दूसरे UT कॉलेजों में शिफ्ट किया जाएगा।
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जम्मू में BJP और संघर्ष समिति इसे जीत बता रही है, लेकिन NC-PDP इसे क्षेत्र के लिए बड़ा झटका मान रही है। लोग कह रहे हैं कि शिक्षा में धर्म नहीं आना चाहिए, मेरिट ही सब कुछ है। वी न्यूज 24 इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए है। छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे, यही दुआ है।
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