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    “सीतामढ़ी में प्रॉपर्टी टैक्स पटना से ज़्यादा, 9.75% कमीशन, पीएम आवास में भेदभाव” – विशाल कुमार से धारदार बातचीत

    सीतामढ़ी में प्रॉपर्टी टैक्स पटना से ज़्यादा, 9.75% कमीशन, पीएम आवास में भेदभाव” – विशाल कुमार से धारदार बातचीत


    📢 We News 24 Digital News / वी न्यूज 24 डिजिटल

    साक्षात्कारकर्ता: दीपक कुमार (वरिष्ठ पत्रकार)

    वार्ताकार: विशाल कुमार (बीजेपी नेता, सीतामढ़ी पूर्व मेयर प्रत्याशी)

    सीतामढ़ी (बिहार)। पूरे बिहार में जहाँ प्रॉपर्टी टैक्स नहीं बढ़ा, वहीं सीतामढ़ी नगर निगम में टैक्स बढ़ोतरी को लेकर विवाद गहरा गया है। बीजेपी नेता और पूर्व मेयर प्रत्याशी विशाल कुमार ने मेयर रौनक जहां परवेज पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार के आबादी-आधारित टैक्स निर्धारण के दस्तावेज की अवहेलना करते हुए सीतामढ़ी में टैक्स पटना से भी अधिक कर दिया गया है। साथ ही, नगर निगम में  पीएम आवास योजना में एकतरफा वितरण, कमीशन दर 9.75% – जबकि बिहार सरकार ने 4% की सीमा तय कर रखी है।

    सफाई कर्मचारियों की संख्या आठ गुना, लेकिन सफाई नहीं... पीएम आवास में सिर्फ एक समुदाय... बुचड़खाना, कब्रगाह और इस्लाम परवेज द्वार... और सबसे बड़ी समस्या – लगातार बढ़ता वाटर लेवल, जिससे हर साल शहर डूबता है।

    इन सभी गंभीर आरोपों के साथ हाजिर हैं बीजेपी नेता और पूर्व मेयर प्रत्याशी विशाल कुमार। दीपक कुमार की इस धारदार बातचीत में विशाल कुमार ने बिना लाग-लपेट के जवाब दिए हैं। आप भी पढ़े- यह एक्सक्लूसिव इंटरव्यू...”


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    प्रश्न 1: पूरे बिहार में प्रॉपर्टी टैक्स नहीं बढ़ा, सिर्फ सीतामढ़ी में क्यों बढ़ा? पटना की आबादी कई गुना होने के बावजूद सीतामढ़ी का टैक्स (65 कोस्टर) पटना (54 कोस्टर) से ज़्यादा कैसे?


    विशाल कुमार: दीपक जी, आपने बिल्कुल सही सवाल पूछा है। बिहार सरकार का साफ दस्तावेज़ कहता है कि नगर निगम आबादी (पॉपुलेशन) के आधार पर टैक्स निर्धारित करेगी। सीतामढ़ी की आबादी पटना से कई गुना कम है, फिर भी यहाँ टैक्स 65 कोस्टर है जबकि पटना महानगर होने के बावजूद 54 कोस्टर है। यह सरकारी दस्तावेज़ का खुला उल्लंघन है। जब सीतामढ़ी नगर परिषद था, तब 36 कोस्टर टैक्स था। नगर निगम बनते ही मेयर रौनक जहां परवेज ने बिना किसी तुक के टैक्स बढ़ाकर 65 कर दिया। यह सीधा भ्रष्टाचार है।



    प्रश्न 2: क्या यह टैक्स वृद्धि अकेले मेयर ने की है? नगर निगम बोर्ड की कोई बैठक हुई?

    विशाल कुमार: नहीं, दीपक जी। कोई सार्थक बैठक नहीं हुई। मेयर रौनक जहां परवेज ने अपने मनमाने ढंग से यह टैक्स बढ़ाया है। बिहार के बाकी सभी 17 नगर निगमों में आज भी पुराना टैक्स स्लैब चल रहा है। सिर्फ सीतामढ़ी में ही यह बढ़ोतरी हुई है – और वह भी मेयर के इशारे पर।


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    सीतामढ़ी नगर में डस्टबिन-शौचालय ड्रेनेज गायब, लेकिन मेयर परिवार के नाम ‘इस्लाम परवेज द्वार’ पर करोड़ों खर्च – क्या विकास या भ्रष्टाचार का अड्डा?


    प्रश्न 3: सफाई व्यवस्था पर भी गंभीर आरोप है। पहले नगर परिषद में एक वार्ड में 3 कर्मचारी होते थे, अब 24-25 कर्मचारी हैं – फिर भी सफाई क्यों नहीं सुधरी?

    विशाल कुमार: यही तो सबसे बड़ा सवाल है। कर्मचारी तकरीबन 8 गुना बढ़ गए, लेकिन सफाई व्यवस्था बद से बदतर है। ये सारे कर्मचारी ‘पेपर पर’ हैं या फिर कमीशन के लिए रखे गए हैं। असली मुद्दा यह है कि नगर निगम में काम करने वाली आउटसोर्सिंग कंपनी का टेंडर खत्म होने के बाद भी उसी कंपनी को दोबारा टेंडर दे दिया गया। यह साफ-साफ सेटिंग और कमीशन का खेल है।


    प्रश्न 4: बिहार शहरी विकास मंत्रालय के 2023 के साफ आदेश के बावजूद आउटसोर्सिंग कंपनी को 9.75% कमीशन क्यों दिया जा रहा है? जबकि अधिकतम 4% है।


    विशाल कुमार: दीपक जी, यही तो असली घोटाला है। सरकार का आदेश है – 4% से ज्यादा नहीं देना है। लेकिन सीतामढ़ी नगर निगम में 9.75% भुगतान किया जा रहा है। यह तय सीमा से ढाई गुना ज्यादा है। यह रकम किसकी जेब में जा रही है? यह सीधा-सीधा मेयर द्वारा किया गया भ्रष्टाचार दिखता है। बिना सेटिंग और कमीशन के नगर निगम में कोई काम नहीं होता – यह मेरा साफ बयान है।


    प्रश्न 5: लीला साह के पुल के पास एक ही नाले पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर चार शिलान्यास बोर्ड लगे हैं, लेकिन पानी कहीं नहीं जाता। यह क्या है?


    विशाल कुमार: यह एक साफ स्कैम है। जब तक नाला बनेगा नहीं, तब तक शिलान्यास के नाम पर फंड कटता रहेगा। चार बोर्ड लगाने का मतलब – चार बार फंड जारी हुआ, चार बार कमीशन बंटा। लेकिन नाला वैसे का वैसा ही है। पानी कहीं नहीं जाता। यही हाल शहर की हर योजना का है।


    प्रश्न 6: पंपिंग सेट पर लाखों-करोड़ों का खर्च – क्या इतने पैसे में बड़े नाले नहीं बन सकते थे?

    विशाल कुमार: बिल्कुल बन सकते थे, दीपक जी। लेकिन नाला बना तो कमीशन कहाँ से मिलेगा? पंपिंग सेट चलने से हर साल नया खर्च, नया कमीशन। सालों से एक ही निकासी का पंप चल रहा है, लाखों-करोड़ों रुपए डूब चुके हैं। नगर निगम में ना सड़क योजना पास होती है, ना नाले की योजना पास होती है – सिर्फ कमीशन और भ्रष्टाचार वाली योजना पास होती है।


    प्रश्न 7: पीएम आवास योजना में आरोप है – 2065 लाभार्थियों में से 1800 एक ही समुदाय के हैं। हिंदुओं के नाम कटे। यह सच है?


    विशाल कुमार: दीपक जी, पूरा सच है। मेयर रौनक जहां परवेज ने एक ही समुदाय को लाभ पहुँचाने का काम किया है। 2065 लाभुकों में से तकरीबन 1800 एक ही समुदाय को आवास दिया गया। हिंदू लोगों के नाम काटे गए। आज भी मधुबन, पुनौरा जैसे कई जगहों पर गरीब लोग पीएम आवास योजना से वंचित हैं। यह नस्लीय और सांप्रदायिक भेदभाव है।


    प्रश्न 8: आपने कहा – “जनता का टैक्स का पैसा सिर्फ बुचड़खाना, कब्रगाह और इस्लाम परवेज द्वार पर खर्च हो रहा है।” ‘इस्लाम परवेज’ कौन थे?


    विशाल कुमार: यह तो मेयर के अपने वार्ड के लोग भी नहीं जानते कि इस्लाम परवेज कौन थे। लेकिन टैक्स का पैसा उनके नाम पर द्वार बनाने में झोंक दिया गया। हिंदुओं की उपेक्षा है। सीतामढ़ी को इस्लामी नाम देने की कोशिश हो रही है। विकास के नाम पर सिर्फ बुचड़खाना, कब्रगाह और इस्लाम परवेज द्वार ही क्यों बन रहे हैं? जनता का पैसा सिर्फ एक समुदाय की सुविधाओं पर क्यों लुटाया जा रहा है?


    प्रश्न 9: सीतामढ़ी का वाटर लेवल लगातार बढ़ रहा है, हर बारिश में शहर डूबता है। नगर निगम ने इस पर कोई काम क्यों नहीं किया?


    विशाल कुमार: दीपक जी, यह सबसे बड़ी लापरवाही है। सीतामढ़ी का वाटर लेवल लगातार बढ़ रहा है, लेकिन नगर निगम ने ना रेन वाटर हार्वेस्टिंग की, ना ड्रेनेज सिस्टम अपग्रेड किया। जब शहर से पानी  निकलेगा नहीं तो जलजमाव होगा ही। पंपिंग सेट तो चल रहे हैं, लेकिन असली समाधान के लिए कोई योजना ही नहीं है। अगर वाटर लेवल कंट्रोल कर लिया जाता तो आज यह हाल नहीं होता। मेयर को इसकी भी चिंता नहीं है।


    प्रश्न 10: नगर निगम में “बिना सेटिंग और कमीशन के काम नहीं होता” – आप इतने सीधे-सीधे क्यों बोल रहे हैं?

    विशाल कुमार: क्योंकि यह सच है, दीपक जी। मैं वही बोल रहा हूँ जो सीतामढ़ी की जनता देख रही है। हर छोटे-बड़े ठेके में सेटिंग होती है, कमीशन बंटता है। यह सीधा-सीधा मेयर के भ्रष्टाचार को दिखाता है। मैं बीजेपी का सच्चा सिपाही हु मेरा जात सीतामढ़ी मेरा विकाश सीतामढ़ी मेरा गौरव सीतामढ़ी इसके गौरव को कभी घूमिल नहीं होने दूंगा 


    प्रश्न 11: जनता को क्या संदेश देना चाहेंगे? क्या आप फिर से चुनाव लड़ेंगे?

    विशाल कुमार: मैं जनता से कहना चाहता हूँ – आपका टैक्स का पैसा लूटा जा रहा है। सिर्फ इसलिए नहीं कि आप नाराज हों, बल्कि इसलिए कि आप जागरूक हों। आने वाले चुनाव में जनता इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। हाँ, मैं फिर से चुनाव लड़ूंगा। मैंने आज तक झूठ नहीं बोला और ना ही कभी कमीशन खोरी का सपोट किया । जनता के आशीर्वाद से हम बदलाव लाएंगे।


    प्रश्न 12: एक आखिरी सवाल – क्या आप मेयर रौनक जहां परवेज को ‘भ्रष्ट’ कहते हैं?

    विशाल कुमार:

    जी हाँ, पूरे आत्मविश्वास के साथ।

    प्रॉपर्टी टैक्स – आबादी के विपरीत बढ़ाया।

    कमीशन – 9.75%, जबकि तय सीमा 4%।

    टेंडर – खत्म होने के बाद भी उसी कंपनी को दिया।

    पीएम आवास – सिर्फ एक समुदाय को दिया।

    विकास – सिर्फ बुचड़खाना, कब्रगाह, इस्लाम परवेज द्वार।

    वाटर लेवल – पूरी तरह अनदेखा इस पर कोई काम नहीं ।

    दीपक जी, इससे ज्यादा सबूत भ्रष्टाचार के क्या चाहिए? यह सब मेयर के इशारे पर हुआ है। जनता इन सबको देख रही है और अब बदलाव का समय आ गया है।


    पत्रकार दीपक कुमार का समापन निवेदन:

    “विशाल कुमार जी ने बेबाकी से सारे सवालों के जवाब दिए हैं। अब सीतामढ़ी की जनता तय करेगी – क्या वे इस तरह के भ्रष्टाचार और ढाई गुना ज़्यादा कमीशन को मंजूरी देंगे, या फिर आने वाले चुनाव में बदलाव की लहर देखने को मिलेगी। सारे आरोप दोहराए। अब इन आरोपों का सामना करना है – सीतामढ़ी नगर निगम और मेयर रौनक जहां परवेज को।

    जनता का टैक्स, जनता की सुविधाएँ, जनता का भविष्य – क्या यह सब सिर्फ कमीशन और भ्रष्टाचार के लिए बंधक है? फैसला आने वाले चुनाव में जनता को ही करना है।धन्यवाद।”


     

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