छतरपुर विधानसभा में अवैध कॉलोनियों और निर्माण को लेकर विधायक-पर्षद पर समाजसेवी के गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
छतरपुर विधानसभा क्षेत्र के समाजसेवी संजीव कुमार ने विधायक करतार सिंह तंवर और पार्षद सुंदर सिंह तंवर पर अवैध कॉलोनियों, अवैध निर्माण और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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रिपोर्टर: राहुल सिंह | We News 24 Digital Desk
नई दिल्ली : दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर विधानसभा क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों, अवैध निर्माण और सरकारी संसाधनों के कथित दुरुपयोग को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। डेरा गांव निवासी समाजसेवी संजीव कुमार ने विधायक करतार सिंह तंवर और निगम पार्षद सुंदर सिंह तंवर पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
संजीव कुमार का आरोप है कि छतरपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले कई वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां विकसित हुई हैं और इनमें से कई कॉलोनियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। उनका दावा है कि विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत किए गए अनेक सरकारी ट्यूबवेलों का उपयोग भी कथित रूप से इन्हीं अवैध कॉलोनियों में किया गया, जबकि क्षेत्र के पुराने गांवों और नियमित बस्तियों में आज भी पेयजल संकट बना हुआ है।
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समाजसेवी ने यह भी आरोप लगाया कि छतरपुर के 100 फुटा रोड पर विधायक करतार सिंह तंवर और पार्षद सुंदर सिंह तंवर से जुड़े कथित व्यावसायिक परिसरों एवं बहुमंजिला इमारतों की जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि आम नागरिकों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया जा सकता है, तो प्रभावशाली लोगों के कथित अवैध निर्माणों पर भी समान कार्रवाई होनी चाहिए।
संजीव कुमार ने दावा किया कि 100 फुटा रोड पर स्थित "कॉरिडोर मॉल" तथा "कलकी" नाम से चर्चित एक इमारत सहित कुछ अन्य परिसरों की वैधता की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मांडी-डेरा क्षेत्र में भी कथित रूप से ऐसे निर्माण मौजूद हैं जिनकी जांच होनी चाहिए।
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उन्होंने सवाल उठाया कि जब दिल्ली सरकार के मंत्री सार्वजनिक मंचों से अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की बात करते हैं, तो फिर प्रभावशाली लोगों के कथित निर्माणों पर समान कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती। उनके अनुसार कानून सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होना चाहिए।
समाजसेवी ने अपनी प्रेस वार्ता में पार्षद सुंदर सिंह तंवर की घोषित आय और संपत्ति को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध चुनावी शपथपत्रों और वर्तमान जीवनशैली के बीच अंतर की जांच होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों से संपत्ति, आय के स्रोत तथा वित्तीय लेन-देन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
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इसके अलावा संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि विधायक के भाई तथा उनके परिवार से जुड़े कुछ लोग क्षेत्र में कथित रूप से अवैध कॉलोनियों और फ्लैट निर्माण के कारोबार से जुड़े हुए हैं। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में किसी सक्षम जांच एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है।
संजीव कुमार का कहना है कि छतरपुर क्षेत्र आज भी पेयजल संकट, ट्रैफिक जाम, अवैध निर्माण और अव्यवस्थित शहरी विकास जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। उनके अनुसार यदि सरकारी एजेंसियां निष्पक्ष कार्रवाई करें तो क्षेत्र की कई समस्याओं का समाधान संभव है।
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जांच की मांग
समाजसेवी ने दिल्ली सरकार, नगर निगम, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), लोकायुक्त, केंद्रीय सतर्कता आयोग तथा अन्य संबंधित जांच एजेंसियों से पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप निराधार हैं तो जांच से संबंधित जनप्रतिनिधियों को भी क्लीन चिट मिल जाएगी, और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
संबंधित पक्ष का पक्ष
इस संबंध में विधायक करतार सिंह तंवर और पार्षद सुंदर सिंह तंवर का पक्ष समाचार प्रकाशित किए जाने तक प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
(अस्वीकरण: यह समाचार समाजसेवी संजीव कुमार द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि We News24 द्वारा नहीं की गई है। संबंधित व्यक्तियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी यथावत प्रकाशित किया जाएगा।)



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