कानपुर में हैवानियत की हदें पार! युवक को कार की छत पर फंसाकर डेढ़ किलोमीटर तक दौड़ाया, फिर कुचलकर हत्या का आरोप; CCTV में कैद वारदात
दशहरा मेला देखकर लौट रहे 37 वर्षीय सेल्समैन बीरू सिंह भदौरिया की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत; परिजनों ने पुरानी रंजिश में हत्या का लगाया आरोप, पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी उठे सवाल
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रिपोर्ट : मनोज चौहान | स्थान: कानपुर | प्रकाशित: 22 अक्टूबर 2026
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। हनुमंत विहार थाना क्षेत्र में दशहरा मेला देखकर घर लौट रहे 37 वर्षीय युवक की कथित तौर पर बेहद क्रूर तरीके से हत्या कर दी गई। परिजनों का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने पहले युवक को कार से टक्कर मारी, फिर उसे कार की छत पर लिटाकर दोनों हाथ खिड़कियों के शीशों में फंसाकर बंद कर दिए और लगभग डेढ़ किलोमीटर तक तेज रफ्तार में कार दौड़ाते रहे।
आरोप है कि इसके बाद युवक को सड़क पर फेंककर उसके ऊपर कार चढ़ा दी गई। गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के CCTV फुटेज भी सामने आने की जानकारी है, जिनमें एक तेज रफ्तार कार की छत पर युवक जैसा व्यक्ति फंसा दिखाई देने का दावा किया गया है।
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कौन था मृतक बीरू सिंह भदौरिया?
मृतक की पहचान कानपुर के हनुमंत विहार थाना क्षेत्र के अर्रा रोड निवासी 37 वर्षीय बीरू सिंह भदौरिया के रूप में हुई है।
बीरू एक सब्जी-मसाला बनाने वाली कंपनी में सेल्समैन के तौर पर काम करते थे। उनके परिवार में पत्नी रीना, बेटियां और एक बेटा है।
परिजनों के मुताबिक, बीरू अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए नौकरी करते थे। उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पत्नी और बच्चों के सामने अब भविष्य तथा आर्थिक सुरक्षा का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
दशहरा मेला देखकर लौटते समय हुआ हमला
मृतक के पिता राम शंकर सिंह के अनुसार, सोमवार को बीरू का खाड़ेपुर नई बस्ती निवासी राजवीर और मेवालाल से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।
परिजनों का आरोप है कि इसी रंजिश में मंगलवार रात बीरू को निशाना बनाया गया।
बताया जा रहा है कि बीरू दशहरा मेला देखकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान कथित रूप से मेवालाल की कार ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी।
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टक्कर लगने से बीरू सड़क पर गिर पड़े। आरोप है कि इसके बाद राजवीर और कार में मौजूद अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की।
परिवार का आरोप है कि हमलावर यहीं नहीं रुके, बल्कि युवक को कार की छत पर लिटाकर उसके दोनों हाथ खिड़कियों के शीशों में फंसाकर बंद कर दिए।
कार की छत पर फंसाकर डेढ़ किलोमीटर तक दौड़ाने का आरोप
परिजनों के मुताबिक, आरोपियों ने युवक को कार की छत पर फंसी हालत में लगभग डेढ़ किलोमीटर तक घुमाया।
आरोप है कि कार गलियों से होते हुए राजेंद्र नगर इलाके तक पहुंची।
वहां अश्वनी ट्रेडिंग कंपनी के पास युवक को नीचे फेंक दिया गया और उसके ऊपर कार चढ़ाकर आरोपी फरार हो गए।
घटना की यह पूरी कहानी परिजनों के आरोपों पर आधारित है। पुलिस की जांच और तकनीकी साक्ष्यों से ही स्पष्ट होगा कि घटनाक्रम किस तरह हुआ।
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शरीर पर कई चोटें, हाथों की अंगुलियां भी कुचली मिलीं
परिजनों के अनुसार, घटना के बाद रास्ते से गुजर रहे देवेंद्र सिंह चौहान ने परिवार को सूचना दी।
सूचना मिलने पर परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और बीरू को अस्पताल ले गए।
बताया गया कि निजी अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद उन्हें एलएलआर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का कहना है कि बीरू के शरीर पर कई जगह गंभीर चोटों के निशान थे। दोनों हाथों की अंगुलियां भी कुचली हुई थीं।
मौत का वास्तविक चिकित्सकीय कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों से स्पष्ट होगा।
दो दर्जन CCTV कैमरों में कैद होने का दावा
घटना के बाद आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज सामने आने की जानकारी दी गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, लगभग दो दर्जन कैमरों की फुटेज में घटना से जुड़े अलग-अलग दृश्य मिले हैं।
कुछ फुटेज में तेज रफ्तार कार दिखाई देती है, जिसकी छत पर युवक जैसा व्यक्ति फंसा होने का दावा किया गया है।
पुलिस के लिए इन फुटेज की तकनीकी जांच महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि इनके माध्यम से कार की गतिविधियों, रास्ते और घटना के समय की पुष्टि की जा सकती है।
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हत्या का आरोप, लेकिन शुरुआत में सड़क हादसे का मुकदमा क्यों?
इस मामले में पुलिस की शुरुआती कार्रवाई को लेकर भी विवाद सामने आया है।
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने पुलिस को हत्या की आशंका और कथित हमलावरों के नाम बताए थे, लेकिन उनकी शिकायत को शुरुआत में गंभीरता से नहीं लिया गया।
बताया गया है कि पुलिस ने मृतक के बड़े भाई की तहरीर पर पहले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ सड़क हादसे से संबंधित मामला दर्ज किया।
इससे नाराज परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचने पर विरोध प्रदर्शन किया।
परिवार की मांग थी कि मामले में हत्या की धाराएं जोड़ी जाएं और आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
पुलिस ने उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया।
फतेहपुर के जहानाबाद में मिली संदिग्धों की लोकेशन
पुलिस के मुताबिक, घटना में इस्तेमाल की गई बताई जा रही कार मेवालाल से संबंधित है।
कार नंबर और संदिग्ध व्यक्तियों के मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर पुलिस को फतेहपुर जिले के जहानाबाद इलाके से जुड़े सुराग मिले हैं।
पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
हालांकि गिरफ्तारी, अपराध में उनकी वास्तविक भूमिका और घटना के पीछे की वजह के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
परिवार ने मांगा न्याय, पत्नी और बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़
बीरू की मौत के बाद परिवार में शोक और आक्रोश का माहौल है।
पत्नी रीना और बच्चों के सामने परिवार के कमाने वाले सदस्य को खोने का दुख है।
परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और हत्या की धाराओं में कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में निष्पक्ष जांच के साथ पीड़ित परिवार को कानूनी सहायता और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण है।
WE NEWS 24 के सवाल: क्या शुरुआती जांच में हुई लापरवाही?
कानपुर की इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
यदि CCTV फुटेज में कार की छत पर युवक फंसा दिखाई दे रहा है, तो पुलिस ने शुरुआती शिकायत में किन साक्ष्यों के आधार पर सड़क दुर्घटना का मामला दर्ज किया?
क्या घटना से पहले हुए विवाद की शिकायत पुलिस तक पहुंची थी?
क्या आरोपियों ने युवक को जानबूझकर कार से टक्कर मारी थी?
क्या घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान हो चुकी है?
और सबसे महत्वपूर्ण सवाल—क्या पुलिस ने परिजनों के हत्या संबंधी आरोपों की समय रहते गंभीरता से जांच की?
इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया से सामने आने चाहिए।
कानपुर की इस घटना में केवल एक युवक की मौत का सवाल नहीं है, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि पीड़ित परिवार के आरोपों, CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए।
यदि परिजनों के आरोप जांच में सही साबित होते हैं, तो यह अत्यंत गंभीर और क्रूर आपराधिक कृत्य होगा।
WE NEWS 24 | कानपुर, उत्तर प्रदेश





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