जल रहा है ईरान : सरकार विरोधी प्रदर्शनों में 116 की मौत, इंटरनेट बंद, सड़कों पर उतरी हजारों की भीड़
We News 24 : डिजिटल डेस्क »✍️रिपोर्ट: वी न्यूज 24 इंटरनेशनल डेस्क
दुबई / तेहरान। ईरान में इस्लामिक शासन के खिलाफ भड़के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन अब खतरनाक मोड़ ले चुके हैं। दो हफ्ते से जारी इस आंदोलन से जुड़ी हिंसा में अब तक कम से कम 116 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह दावा ईरान पर नजर रखने वाली मानवाधिकार संगठनों ने किया है।
तेहरान, मशहद, इस्फ़हान समेत कई बड़े शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि ईरानी सरकार ने लगभग पूरे देश में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी हैं, ताकि बाहर की दुनिया तक सही जानकारी न पहुंच सके।
अमेरिकी ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है और हालात काबू से बाहर होते जा रहे हैं। एजेंसी का कहना है कि पहले भी ईरान के मामलों में उसके आंकड़े सही साबित होते रहे हैं।
👉इसे भी पढ़े- केंद्र के फैसले से बिहार को बड़ा झटका: आबादी के हिसाब से मेडिकल कॉलेज का सपना टूटा, दक्षिणी राज्यों की चांदी
सरकार का सख्त रुख, प्रदर्शनकारियों को बताया "आतंकवादी"
ईरानी सरकारी टीवी लगातार यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि हालात नियंत्रण में हैं। वह सुरक्षा बलों के हताहतों की तो बात कर रहा है, लेकिन मारे गए प्रदर्शनकारियों का जिक्र करने से बच रहा है। सरकार प्रदर्शनकारियों को "आतंकवादी" बताकर कार्रवाई को जायज ठहरा रही है।
हालांकि सरकारी मीडिया ने यह जरूर माना है कि तेहरान और पवित्र शहर मशहद में प्रदर्शन अब भी जारी हैं।
"भगवान का दुश्मन" बताकर मौत की धमकी
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पहले ही सख्त कार्रवाई के संकेत दे चुके हैं। इसी बीच ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आज़ाद ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शन में शामिल लोगों को "भगवान का दुश्मन" माना जाएगा — और ईरान के कानून में इसकी सजा मौत है।
सरकारी बयान में कहा गया है कि दंगाइयों की मदद करने वालों पर भी बिना किसी नरमी के मुकदमा चलाया जाएगा।
👉इसे भी पढ़े- वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द ,सीएम उमर अब्दुल्ला ने संघर्ष समिति पर साधा निशाना
अमेरिका की नजर, ट्रंप का खुला समर्थन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा है कि “ईरान आज़ादी की ओर देख रहा है, शायद पहले कभी नहीं। अमेरिका मदद के लिए तैयार है।”
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप को ईरान पर सैन्य कार्रवाई के विकल्प भी बताए गए हैं, हालांकि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
सड़कों पर हज़ारों लोग, "खामेनेई मुर्दाबाद" के नारे
सरकारी समर्थक मीडिया ने दूसरी तरफ ऐसे वीडियो दिखाए हैं जिनमें कुछ प्रदर्शनकारी हथियारों और पेट्रोल बम के साथ नजर आ रहे हैं।
👉इसे भी पढ़े-जिम लवर सावधान! प्रोटीन शेक बन रहा कातिल,शेक ने ली 19 साल के लड़के की जान!
कई शहरों में सुरक्षा बलों की मौत का दावा
सरकारी एजेंसियों का दावा है कि:
- गचसरान में बासिज बल के 3 सदस्य मारे गए
- हमादान में एक सुरक्षा अधिकारी की चाकू मारकर हत्या
- बंदर अब्बास में एक पुलिसकर्मी मारा गया
- गिलान और मशहद में भी मौतों की पुष्टि की गई
तस्नीम न्यूज़ एजेंसी का कहना है कि करीब 200 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास हथियार, ग्रेनेड और पेट्रोल बम थे।
👉इसे भी पढ़े- सर्दियों में हाथ-पैर ठंडे रहना आम है या गंभीर बीमारी का संकेत? कब लें डॉक्टरी सलाह
इंटरनेट पूरी तरह बंद, दुनिया से कटा ईरान
ईरान की सरकार ने देश को इंटरनेट और इंटरनेशनल कॉल से लगभग पूरी तरह काट दिया है। सिर्फ कुछ सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया को ही काम करने दिया जा रहा है।
कतर का अल जज़ीरा चैनल फिलहाल उन गिने-चुने विदेशी मीडिया में शामिल है जो ईरान से रिपोर्ट कर पा रहे हैं।
हालात बेहद गंभीर
ईरान में हालात तेजी से गृहयुद्ध जैसे बनते जा रहे हैं। सड़कों पर जनता है, सामने हथियारबंद सुरक्षा बल और बीच में एक ऐसा सिस्टम जो किसी भी कीमत पर सत्ता छोड़ने को तैयार नहीं दिख रहा।
कोई टिप्पणी नहीं
कोमेंट करनेके लिए धन्यवाद